भोपाल में ओबीसी महासभा का शक्ति प्रदर्शन: 27% आरक्षण की मांग को लेकर विधानसभा घेराव
Bhopal OBC Mahasabha protest for reservation demands and hold removal. भोपाल के रंगमहल चौराहे पर आज ओबीसी महासभा द्वारा 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण लागू कराने और 13 फीसदी पदों पर लगे होल्ड को हटाने की मांग को लेकर विधानसभा घेराव किया जा रहा है। ओबीसी महासभा द्वारा आयोजित विधानसभा घेराव में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव, कांग्रेस विधायक सचिन यादव सहित तमाम विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

आरक्षण के मुद्दे पर सड़कों पर उतरे ओबीसी संगठन
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज ओबीसी महासभा ने एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया है। संगठन की मुख्य मांग राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण का पूर्ण लाभ देने और वर्तमान में 13 प्रतिशत पदों पर लगी रोक (होल्ड) को तत्काल प्रभाव से हटाने की है। इस घेराव के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रंगमहल चौराहे पर एकत्रित हुए हैं।
आंदोलन का नेतृत्व एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा और एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का जत्था रोशनपुरा से होते हुए रंगमहल चौराहे तक पहुंचा, जहां से वे विधानसभा की ओर कूच करने की तैयारी में हैं। प्रदर्शन स्थल पर ओबीसी वर्ग के युवाओं और समर्थकों की भारी भीड़ देखी जा रही है, जो सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
विपक्षी दलों का मिला समर्थन
इस विधानसभा घेराव को केवल ओबीसी महासभा तक सीमित न रखकर इसे व्यापक राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव और कांग्रेस विधायक सचिन यादव सहित कई विपक्षी दलों के प्रमुख नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। विपक्षी नेताओं की उपस्थिति ने इस आंदोलन को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि ओबीसी वर्ग के साथ हो रहा अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर आरक्षण के मामले को लटका रही है, जिससे ओबीसी युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। नेताओं ने मांग की है कि सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
युवाओं का भविष्य और सरकार से मांग
ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों जीतू लोधी, विश्वजीत रतौनिया और धर्मेंद्र कुशवाहा ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग के युवा कड़ी मेहनत कर सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं, लेकिन आरक्षण का लाभ न मिलने और पदों पर होल्ड होने के कारण वे ओवरएज हो रहे हैं। यह स्थिति युवाओं के मनोबल को तोड़ने वाली है।
संगठन का स्पष्ट कहना है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का कोटा 27 फीसदी सुनिश्चित किया जाए। वर्तमान में जो 13 फीसदी पदों पर होल्ड लगा हुआ है, उसे हटाकर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
प्रशासनिक सतर्कता और आगे की स्थिति
प्रदर्शन को देखते हुए भोपाल के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रंगमहल चौराहे और विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस प्रदर्शन और विपक्षी दबाव के बाद क्या प्रतिक्रिया देती है। क्या सरकार 13 फीसदी होल्ड हटाने पर कोई सकारात्मक निर्णय लेगी या यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो पाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
