नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आसान होगा सफर: दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाले 50 किमी एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का रूट तय
Noida International Airport connectivity elevated expressway project route finalized for Delhi NCR commuters. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली से सीधे जोड़ने के लिए 50 किमी लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा। जिसका रूट डिजाइन फाइनल कर लिया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दिल्ली और हरियाणा से सीधी कनेक्टिविटी की तैयारी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा से जोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना का खाका तैयार कर लिया गया है। इस परियोजना के तहत 50 किलोमीटर लंबा एक एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसका रूट डिजाइन अब अंतिम रूप ले चुका है। इस डिजाइन को संबंधित प्राधिकरण के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। यह एक्सप्रेसवे न केवल दिल्ली के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंच को सुगम बनाएगा, बल्कि हरियाणा के फरीदाबाद से आने वाले लोगों के लिए भी यात्रा का समय काफी कम कर देगा।
इस परियोजना के लिए प्रस्तावित रूट दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होगा, जो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ा होगा। इसके बाद यह मार्ग नोएडा के सेक्टर-94 और सेक्टर-150 से होकर गुजरेगा। इस रूट की सबसे बड़ी खूबी इसका मंझावली पुल से जुड़ाव है, जो सीधे फरीदाबाद को एयरपोर्ट से जोड़ता है। इस तरह, यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और हरियाणा के बीच एक महत्वपूर्ण परिवहन कड़ी के रूप में उभरेगा।
4 हजार करोड़ की लागत और तकनीकी बदलाव
इस विशाल परियोजना पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। निर्माण कार्य और रखरखाव की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) संभालेगा। तकनीकी पहलुओं पर बात करें तो, सिंचाई विभाग से पुश्ता पर क्लीयरेंस न मिलने के कारण एलाइनमेंट में कुछ बदलाव किए गए हैं। अब इसे पुश्ता से 5 मीटर दूर नोएडा की ओर जमीन पर फाइनल किया गया है। पूरा एक्सप्रेसवे 6-लेन का होगा और इसे पूरी तरह से एलिवेटेड (ऊंचा) बनाया जाएगा ताकि नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव कम हो सके।
परियोजना के रूट के फाइनल होने के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। डीपीआर के बाद मिट्टी की भार वहन क्षमता की जांच के लिए स्वाइल टेस्ट किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो और भविष्य में यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण से दिल्ली के मयूर विहार, अक्षरधाम, पड़पड़गंज, कालिंदी कुंज और सरिता विहार जैसे इलाकों में रहने वाले निवासियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। वर्तमान में इन क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक जाने में लगने वाले समय में भारी कटौती होने की उम्मीद है। इसके अलावा, मंझावली पुल के माध्यम से फरीदाबाद के यात्रियों को भी एक सीधा और निर्बाध मार्ग मिल जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे नोएडा के सेक्टर-21ए में 120 मीटर चौड़ी सड़क तक जाकर समाप्त होगा, जो एयरपोर्ट के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार का काम करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाना है, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र में यातायात के दबाव को कम करना भी है।
अगले कदम और भविष्य की राह
फिलहाल, प्राधिकरण की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया के अगले चरणों पर काम शुरू होगा। एनएचएआई इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बना रहा है। जैसे-जैसे डीपीआर और तकनीकी सर्वेक्षण पूरे होंगे, निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस परियोजना को लेकर काफी सक्रिय हैं, क्योंकि यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा साबित होगा।
इस एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कनेक्टिविटी में सुधार से रियल एस्टेट और व्यापारिक क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
