नीमच में फुटबॉल मैच के दौरान बवाल: हार से बौखलाए समर्थकों ने खिलाड़ियों पर किया हमला, तीन घायल
नीमच के दशहरा मैदान में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मैच के दौरान हारने वाली टीम के समर्थकों ने विजेता टीम के खिलाड़ियों पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें तीन खिलाड़ी घायल हो गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मैदान में खेल के दौरान अचानक भड़की हिंसा
मध्य प्रदेश के नीमच शहर में पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0' के अंतर्गत आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट में बुधवार की शाम एक दुखद घटना सामने आई। दशहरा मैदान में खेले जा रहे सेमीफाइनल मैच के दौरान खेल भावना तार-तार हो गई। एनएफए और अहीर स्पोर्ट्स के बीच चल रहे इस मुकाबले में जब एनएफए की जीत सुनिश्चित होने लगी, तो हारने वाली टीम के समर्थकों ने आपा खो दिया और विजेता टीम के खिलाड़ियों पर हमला कर दिया।
मैच खत्म होने से महज पांच मिनट पहले एनएफए के खिलाड़ी रौनक सैनी ने शानदार गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। जैसे ही एनएफए की जीत तय हुई, अहीर स्पोर्ट्स के समर्थकों और कुछ खिलाड़ियों ने मैदान में घुसकर रौनक सैनी पर हमला कर दिया। देखते ही देखते मैदान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और खेल का मैदान रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
लाठी-डंडों और पत्थरों से हुआ जानलेवा हमला
हमलावरों ने लाठी-डंडों, पंच और पत्थरों का इस्तेमाल किया। इस दौरान जब एनएफए टीम के अन्य खिलाड़ी आफताब और भरत अपने साथी को बचाने के लिए आगे आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। मारपीट की इस घटना में तीनों खिलाड़ियों को चोटें आई हैं, जिनमें आफताब को गंभीर चोटें लगने की सूचना है। अचानक हुए इस हिंसक हमले ने वहां मौजूद दर्शकों और आयोजकों को स्तब्ध कर दिया।
घटना के तुरंत बाद एनएफए टीम के वर्किंग सेक्रेटरी मयंक सैनी और अन्य खिलाड़ी सीधे कैंट थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। मयंक सैनी ने स्पष्ट किया कि पुलिस कप्तान राजेश व्यास ने टूर्नामेंट के दौरान अनुशासन बनाए रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फाइनल मैच के बहिष्कार की चेतावनी
पीड़ित टीम ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि हमलावरों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे गुरुवार को होने वाले फाइनल मैच में हिस्सा नहीं लेंगे। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल के मैदान में इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और दोषियों को सजा मिलना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कैंट थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हार-जीत को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसकी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजामों का भरोसा
स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि गुरुवार को होने वाले फाइनल मैच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जाएगा। मैदान पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस ने खिलाड़ियों और दर्शकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
यह घटना खेल आयोजनों में सुरक्षा और अनुशासन के महत्व को फिर से रेखांकित करती है। पुलिस की जांच अब इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में खिलाड़ियों पर इस तरह का हिंसक हमला हुआ और इसके पीछे के मुख्य आरोपी कौन हैं। फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
