नीमकाथाना: पूर्व सरपंच को मंदिर में मिला धमकी भरा पत्र, 15 लाख की रंगदारी न देने पर जान से मारने की चेतावनी
सीकर जिले के नीमकाथाना में पूर्व सरंपच को लेटर लिखकर 15 लाख रुपए मांगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने लेटर को पूर्व सरपंच के घर से 30 मीटर दूर और दुकान के सामने स्थित मंदिर में रख दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र में एक पूर्व सरपंच को जान से मारने की धमकी और मोटी रकम की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। गणेश्वर गांव के रहने वाले पूर्व सरपंच घासीराम अग्रवाल को अज्ञात बदमाशों ने एक पत्र के जरिए 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। इस घटना से स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
मंदिर में मिला धमकी भरा लिफाफा
घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8 बजे गणेश्वर गांव के मुख्य बाजार स्थित शिव मंदिर में एक लिफाफा मिला। मंदिर के पुजारी जब सुबह पूजा के लिए पहुंचे, तो उन्हें शिवलिंग के ऊपर एक लिफाफा रखा हुआ मिला, जिस पर पूर्व सरपंच घासीराम अग्रवाल का नाम लिखा था। पुजारी ने तुरंत यह लिफाफा पास ही स्थित पूर्व सरपंच की दुकान पर उनके बेटे दीपक को सौंप दिया।
दीपक ने जब लिफाफा खोलकर अंदर की सामग्री पढ़ी, तो उसके होश उड़ गए। पत्र में स्पष्ट रूप से 15 लाख रुपये की मांग की गई थी और चेतावनी दी गई थी कि यदि 10 दिन के भीतर यह राशि नहीं पहुंचाई गई, तो पूर्व सरपंच को गोली मार दी जाएगी। इस धमकी के बाद परिवार ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
बदमाशों ने खुद के नाम और नंबर भी लिखे
धमकी देने वाले बदमाशों ने पत्र में अपना नाम अनिल सैनी, गौतम कुमार और अभिमन्यु कुमार बताया है। हैरान करने वाली बात यह है कि बदमाशों ने पत्र के अंत में अपने मोबाइल नंबर भी अंकित किए हैं। पुलिस अब इन नंबरों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने में जुटी है। सदर थाना अधिकारी जयसिंह बसेरा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।
पीड़ित घासीराम अग्रवाल ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में पूरी घटना का विवरण दिया है। उन्होंने बताया कि वे 2010 से 2015 तक गणेश्वर ग्राम पंचायत के सरपंच रह चुके हैं और वर्तमान में ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी सुशीला अग्रवाल भी 2019 में सरपंच पद पर रह चुकी हैं, जिसके कारण उनका परिवार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय है।
पुरानी रंजिश और सुरक्षा की चिंता
पूर्व सरपंच ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें इस तरह की धमकी मिली है। इससे पहले अप्रैल 2023 में भी उन्हें 'टीम महाकाल' के नाम से 10 लाख रुपये की फिरौती का पत्र मिला था। उस समय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 दिनों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस बार फिर से मिली धमकी ने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि मंदिर में पत्र किसने रखा था। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, नीमकाथाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!