नवादा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों की जालसाजी करने वाले 4 शातिर गिरफ्तार
नवादा की वारिसलीगंज पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में करोड़ों की ठगी करने वाले चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। वारिसलीगंज थाना पुलिस ने एक विशेष अभियान के दौरान करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के दिशा-निर्देशों के तहत अंजाम दी गई, जिसमें थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
लोन के नाम पर आम लोगों को बनाते थे निशाना
पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार अपराधी लंबे समय से लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। ये लोग मुख्य रूप से बजाज फाइनेंस, मुद्रा फाइनेंस और अन्य वित्तीय संस्थानों के नाम पर ग्राहकों को फोन करते थे। ठगों का गिरोह ग्राहकों का डेटा, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर और पता शामिल होता था, हासिल कर उन्हें सस्ते लोन का झांसा देता था। लोन दिलाने के नाम पर ये अपराधी प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के बहाने लोगों से मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान करण रॉयल (23), नीरज कुमार (23), सोनू कुमार (28) और धनराज कुमार (24) के रूप में हुई है। ये सभी नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के ही अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 376/26 दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और नकदी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से आपत्तिजनक सामग्री का जखीरा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से 71,300 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, दो आईफोन सहित कुल सात मोबाइल फोन, 26 फर्जी एटीएम कार्ड, 7 फर्जी पासबुक, 3 पैन कार्ड, 6 चेकबुक और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इन बरामदगी से स्पष्ट है कि यह गिरोह काफी संगठित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था।
बरामद सामानों में एक आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), एक आधार कार्ड और एक वोटर कार्ड भी शामिल है, जिसका उपयोग ये लोग फर्जी बैंक खाते खोलने या अन्य वित्तीय धांधली के लिए करते थे। पुलिस अब इन दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन फर्जी कागजातों का इस्तेमाल और किन-किन अपराधों में किया गया है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ के आधार पर अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन अपराधियों को ग्राहकों का डेटा कहां से प्राप्त होता था और इस गिरोह के तार और किन-किन क्षेत्रों से जुड़े हैं।
नवादा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल पर भरोसा न करें और लोन या किसी भी वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक शाखा में जाकर संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि जिले को सुरक्षित बनाया जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!