नवादा: धनार्जय नदी में बही पुलिया, 500 परिवारों का मुख्यालय से टूटा संपर्क
Nawada Rajouli village road connectivity cut off due to bridge collapse. नवादा जिले के रजौली प्रखंड स्थित जोगियामारण पंचायत का भंडरा गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क और कागजों पर प्रस्तावित पुल के विपरीत, धनार्जय नदी पर बनी ह्यूम पाइप पुलिया तेज बहाव में बह गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के नवादा जिले के रजौली प्रखंड में एक बड़ी आपदा ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां जोगियामारण पंचायत के भंडरा गांव के पास धनार्जय नदी पर बनी ह्यूम पाइप पुलिया तेज बहाव के कारण बह गई है। इस घटना के बाद से भंडरा, राधे बिगहा और चांदेवारा जैसे गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क पूरी तरह से कट गया है। स्थानीय निवासी अब मूलभूत सुविधाओं के लिए भी भारी संघर्ष करने को मजबूर हैं।
विकास के दावों के बीच बदहाल स्थिति
सरकारी दावों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की हकीकत इस पुलिया के बहने के बाद सामने आ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कागजों पर यहां पुल प्रस्तावित था, लेकिन धरातल पर केवल एक छोटी पुलिया थी जो अब नदी के तेज बहाव में समा गई है। पुलिया के स्थान पर अब एक गहरा कटाव और खतरनाक खाई बन गई है, जिससे पैदल चलना भी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में रेलवे का काम कर रही एक निजी निर्माण कंपनी के भारी वाहनों का इस रास्ते से लगातार आवागमन होता था। इन भारी वाहनों के दबाव के कारण पुलिया पहले से ही कमजोर हो गई थी, जो अंततः नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ पूरी तरह ध्वस्त हो गई। अब यहां से गुजरना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
स्कूली बच्चों और बीमारों की बढ़ी मुसीबतें
संपर्क मार्ग टूटने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और बीमार व्यक्तियों को हो रही है। बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर कीचड़ और पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। वहीं, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक ले जाने के लिए घंटों का अतिरिक्त समय लग रहा है। दैनिक जरूरतों का सामान जुटाना भी ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
स्थानीय निवासियों अमरेंद्र सिंह, ईश्वर राम, ब्रह्मदेव यादव और रंजीत राम ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन से इस समस्या को लेकर शिकायत की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें हर बार केवल कोरे आश्वासन ही मिले। योजनाएं फाइलों में तो दर्ज हैं, लेकिन धरातल पर काम न होने का खामियाजा आज पूरा क्षेत्र भुगत रहा है।
प्रशासन ने दिए सुधार के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए रजौली के बीडीओ संजीव झा ने संज्ञान लिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि स्थिति चिंताजनक है और उन्होंने संबंधित पक्षों को जल्द से जल्द रास्ता आवागमन योग्य बनाने का निर्देश दिया है। बीडीओ ने कहा कि जनता की परेशानी को प्राथमिकता देते हुए तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने भी माना कि यहां छोटे ह्यूम पाइप की जगह एक बड़े पुल की आवश्यकता है ताकि पानी का बहाव सुचारू रूप से हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगले दो दिनों के भीतर रास्ते को अस्थायी रूप से बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं ताकि ग्रामीणों को तत्काल राहत मिल सके।
फिलहाल, ग्रामीण प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अस्थायी मरम्मत से काम नहीं चलेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यहां एक पक्के पुल का निर्माण अनिवार्य है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस क्षेत्र की सुध लेता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
