मध्य प्रदेश के 90 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत, अब साल में मिलेंगे 10 आकस्मिक अवकाश
Madhya Pradesh guest teachers 10 CL policy latest news update. अब स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत 90 हजार अतिथि शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश की सुविधा मिलेगी। हर अतिथि शिक्षक को अब साल भर में दस सीएल यानी आकस्मिक अवकाश मिलेंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अतिथि शिक्षकों के लिए नई अवकाश नीति
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 90 हजार अतिथि शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब इन शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र के दौरान आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) की सुविधा प्राप्त होगी। विभाग के इस फैसले से लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की मांग पूरी हो गई है, जिससे उन्हें कार्य के दौरान व्यक्तिगत और पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए राहत मिलेगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। अब तक अतिथि शिक्षकों को किसी भी प्रकार के अवकाश की पात्रता नहीं थी, लेकिन अब उन्हें एक शैक्षणिक सत्र में कुल 10 आकस्मिक अवकाश दिए जाएंगे। विभाग द्वारा जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
अवकाश की पात्रता और नियम
नई व्यवस्था के तहत, अतिथि शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही 1 दिन के आकस्मिक अवकाश की पात्रता मिल जाएगी। इसके बाद, हर 30 दिन की सेवा पूर्ण होने पर उन्हें एक अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश अर्जित होगा। हालांकि, शिक्षकों को यह ध्यान रखना होगा कि वे एक बार में अधिकतम 3 आकस्मिक अवकाश ही ले सकेंगे। यह नियम शिक्षकों की कार्य-सुविधा और शिक्षण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
विभाग का मानना है कि यह कदम शिक्षकों के कार्य परिवेश को बेहतर बनाने और उनके हितों की रक्षा करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। सरकार का प्रयास है कि अतिथि शिक्षक बिना किसी मानसिक दबाव के बेहतर तरीके से अपना शिक्षण कार्य कर सकें।
ई-अटेंडेंस की बाध्यता में भी मिली छूट
अतिथि शिक्षकों के लिए हाल ही में एक और राहत भरा निर्णय लिया गया था। लोक शिक्षण आयुक्त ने उन करीब 5 हजार अतिथि शिक्षकों को री-जॉइनिंग की अनुमति दी थी, जिनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम होने के कारण विद्यालय में वापसी रुकी हुई थी। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की मांग पर मानवीय आधार पर यह शिथिलता प्रदान की गई थी।
इस छूट के साथ ही शिक्षकों को एक वचन-पत्र भी देना होगा कि भविष्य में वे अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल चालू शिक्षा सत्र के लिए दी गई है। इससे पहले, अतिथि शिक्षक संगठनों ने गंभीर बीमारी, मातृत्व अवकाश, पारिवारिक आपातकाल और तकनीकी समस्याओं के कारण उपस्थिति कम होने की स्थिति में राहत की मांग की थी, जिसे विभाग ने स्वीकार कर लिया है।
शिक्षक संगठनों की मांग और विभाग का रुख
अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार के नेतृत्व में हुई बैठकों के बाद विभाग ने अपनी नीतियों में नरमी दिखाई है। शिक्षकों ने तर्क दिया था कि पूरे सत्र के दौरान अवकाश न मिलने से उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अब अवकाश और अटेंडेंस संबंधी राहतों के बाद शिक्षकों ने विभाग के इस निर्णय का स्वागत किया है।
आगामी दिनों में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी होने वाले आदेशों के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह से लागू हो जाएगी। इससे प्रदेश भर के स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ शिक्षण कार्य में संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
