मुरादाबाद: मोमबत्ती फैक्ट्री में भीषण आग और धमाकों से दहला इलाका, एसएसपी की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
Moradabad candle factory fire emergency rescue operation, cylinder blast, chemical drums danger. रात के करीब सवा बजे का वक्त था। 4 फीट की तंग गली, जिसमें दो बाइकें आमने-सामने से आ जाएं तो निकला मुश्किल हो।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

आधी रात को तंग गली में मचा कोहराम
मुरादाबाद के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित कृष्णा कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मोमबत्ती फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। घटना रात करीब सवा बजे की है, जहां फैक्ट्री में रखे गैस सिलेंडर और केमिकल से भरे ड्रमों में एक के बाद एक कई धमाके हुए। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि आसपास के रिहायशी इलाकों में दहशत फैल गई। फैक्ट्री जिस गली में स्थित है, वह महज चार फीट चौड़ी है, जिससे दमकल की गाड़ियों का वहां तक पहुंचना नामुमकिन था।
एसएसपी ने संभाली कमान, खुद पाइप लेकर उतरे मैदान में
हालात की गंभीरता को देखते हुए मुरादाबाद के एसएसपी सतपाल अंतिल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व किया। तंग गली होने के कारण दमकल की गाड़ियां अंदर नहीं जा पा रही थीं, जिसके चलते पुलिस ने तुरंत 300 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का निर्णय लिया। एसएसपी को खुद पाइप थामे आग बुझाने के प्रयास में देख अन्य पुलिस अधिकारी और दमकलकर्मी भी पूरी तत्परता के साथ जुट गए।
आग की भयावहता को देखते हुए एसएसपी ने एहतियात के तौर पर बरेली जोन के छह जिलों से अतिरिक्त दमकल टीमों को बुलाने के निर्देश दिए ताकि स्थिति बिगड़ने पर तत्काल सहायता मिल सके। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी रात स्थिति पर नजर बनाए रखी।
बड़ी जनहानि टालने में मिली सफलता
रेस्क्यू ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य लोगों की जान बचाना था। पुलिस ने फैक्ट्री के पीछे स्थित कुटिया वाली गली में फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला और घरों को खाली करवाया। करीब छह घंटे के कठिन संघर्ष के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि फैक्ट्री और गोदाम पूरी तरह जलकर राख हो गए, लेकिन पुलिस और दमकल विभाग की मुस्तैदी से कोई जनहानि नहीं हुई।
फैक्ट्री मालिक का घर भी इसी परिसर से सटा हुआ था, जिसे आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। इसके अलावा, पड़ोसी सचिन सिंघल के घर को भी आग से सुरक्षित बचाना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे फायर फाइटर्स ने अपनी रणनीति से पूरा किया। शुरुआती दो घंटों तक पुलिस का पूरा ध्यान उन इलाकों को खाली कराने पर था जहां लोग फंसे हुए थे।
कैसे शुरू हुआ यह भीषण अग्निकांड
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मयूर इंटरनेशनल नाम की यह छह मंजिला फैक्ट्री कृष्णा कॉलोनी के टी-प्वाइंट पर स्थित है। आग सबसे पहले फैक्ट्री की ऊपरी मंजिल पर लगी, जहां से वह तेजी से नीचे की ओर फैली। केमिकल और सिलेंडरों के धमाकों ने आग को और विकराल बना दिया। आधी रात को हुए इन धमाकों की आवाज सुनकर स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए थे।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि रेस्क्यू ऑपरेशन में थोड़ी भी देरी होती, तो आग आसपास के घनी आबादी वाले घरों को अपनी चपेट में ले सकती थी। फिलहाल, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
