देश के 70% हिस्से से मानसून ने बनाई दूरी, उत्तर भारत में गर्मी का सितम और गंगा का बढ़ा जलस्तर
India IMD Weather Forecast Tracker State Wise [12/7/2026] Update.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

देश के एक बड़े हिस्से से मानसून की सक्रियता फिलहाल कम हो गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भारत के लगभग 70% भू-भाग से मानसूनी बादल गायब हैं। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना काफी कम बनी हुई है। मानसून के इस अस्थायी ठहराव के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
राजस्थान में गर्मी का प्रकोप, पहाड़ों पर लैंडस्लाइड की मार
मानसून की सुस्ती का असर तापमान पर साफ देखा जा सकता है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे भीषण गर्मी का अहसास हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों में स्थिति विपरीत है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इन दोनों राज्यों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाओं के चलते करीब 440 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में शनिवार देर शाम बादल फटने की घटना सामने आई है। अवूरा और देहवाथु इलाकों में अचानक हुई मूसलाधार बारिश से एक नाले में उफान आ गया, जिसकी चपेट में आने से 6 होटल डूब गए। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मैदानी इलाकों में बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों में दिखने लगा है। प्रयागराज और ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा का पानी सीढ़ियों तक पहुंच गया है, जिससे नदी का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है। वहीं, बिहार के पटना में भारी बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है। सड़कों पर दो-दो फीट पानी जमा हो गया है और लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल के परिसर में भी जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी हो रही है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसून ब्रेक एक सामान्य और अस्थायी प्रक्रिया है। जैसे ही बंगाल की खाड़ी में कोई नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होगा, बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। फिलहाल, अगले कुछ दिनों तक लोगों को उमस भरी गर्मी और तेज धूप का सामना करना पड़ेगा।
आने वाले दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए अलग-अलग राज्यों में अलर्ट जारी किया है। राजस्थान, पश्चिमी मध्यप्रदेश, गुजरात के सीमावर्ती इलाकों और आंध्र प्रदेश में हीटवेव की चेतावनी दी गई है। इसके विपरीत, बिहार, सिक्किम, असम, मेघालय और हिमालय से सटे पश्चिम बंगाल के हिस्सों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर और ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भी बारिश को लेकर येलो अलर्ट बना हुआ है।
13 जुलाई के लिए जारी बुलेटिन के अनुसार, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में फिलहाल कोई बड़ी चेतावनी नहीं दी गई है। मौसम विभाग की सलाह है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग सावधानी बरतें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
