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मेरठ जोन में साइबर अपराधियों पर पुलिस का कड़ा प्रहार: 7 महीने में 486 गिरफ्तार, करोड़ों की राशि फ्रीज

मेरठ जोन में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए सात महीने में 486 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। एक जनवरी से 31 जुलाई, 2026 तक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर मेरठ जोन से जुड़ी 25,220 शिकायतें दर्ज हुईं।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

5 अगस्त 2026 अपडेट 5 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
मेरठ जोन में साइबर अपराधियों पर पुलिस का कड़ा प्रहार: 7 महीने में 486 गिरफ्तार, करोड़ों की राशि फ्रीज
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मेरठ जोन में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान

मेरठ जोन में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने आक्रामक रुख अपना लिया है। पिछले सात महीनों के दौरान पुलिस ने एक व्यापक अभियान चलाकर 486 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। यह कार्रवाई एक जनवरी 2026 से 31 जुलाई 2026 के बीच की गई है, जिसके दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर मेरठ जोन से संबंधित 25,220 शिकायतें दर्ज की गई थीं।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य न केवल अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि पीड़ितों की ठगी गई धनराशि को सुरक्षित करना भी है। पुलिस ने विभिन्न बैंकों और वित्तीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर एक प्रभावी तंत्र विकसित किया है, जिससे संदिग्ध लेनदेन को समय रहते रोका जा सके।

करोड़ों रुपये की ठगी पर लगाम और रिकवरी

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कुल 84.4 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले सामने आए थे। पुलिस और साइबर सेल की सक्रियता के कारण, ठगी गई कुल राशि का लगभग 44.30 प्रतिशत यानी 37.28 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करा दिए गए हैं। इससे यह बड़ी धनराशि अपराधियों के हाथों में जाने से पहले ही सुरक्षित कर ली गई।

अब तक शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए लगभग 1.41 करोड़ रुपये की धनराशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई जा चुकी है। पुलिस का प्रयास है कि कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए।

ऑपरेशन 'साइवज्र' से नेटवर्क पर प्रहार

साइबर गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए 7 जुलाई से विशेष संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन साइवज्र' की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत राज्य स्तर पर साइबर अपराधियों के नेटवर्क को चिन्हित कर लगातार दबिश दी जा रही है। इस विशेष अभियान के दौरान अब तक 170 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 185 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए अपराधी 5,533 से अधिक साइबर अपराध के मामलों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस अब इन अपराधियों के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके और भविष्य में होने वाली ठगी को रोका जा सके।

भविष्य की रणनीति और सतर्कता

जैसे ही किसी पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराई जाती है, पुलिस तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क कर संदिग्ध खातों को फ्रीज करवाती है। इस त्वरित प्रक्रिया के कारण ही करोड़ों रुपये की राशि को अपराधियों के चंगुल से बचाया जा सका है।

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक या अनजान कॉल के प्रति सतर्क रहें। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि पुलिस समय रहते कार्रवाई कर सके। मेरठ जोन पुलिस का यह अभियान आने वाले समय में भी जारी रहेगा ताकि साइबर अपराधियों के हौसले पूरी तरह पस्त किए जा सकें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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