मऊगंज ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश: मुंबई से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, अब तक 5 तस्कर सलाखों के पीछे
Madhya Pradesh Mauganj drug network busted, 5 arrested. Mumbai se pakdaaya drug supplier Sunil Yadav arrested in NDPS case.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शाहपुर थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में कार्रवाई करते हुए मुंबई से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया है, जिससे क्षेत्र में फैले ड्रग्स नेटवर्क की कमर टूट गई है।
मुंबई से हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस की जांच का दायरा तब बढ़ा जब पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपी चंदन सिंह से कड़ाई से पूछताछ की गई। चंदन सिंह के पास से मिले तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का विश्लेषण करने के बाद पुलिस को मुंबई में बैठे मास्टरमाइंड सुनील यादव (35 वर्ष) के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद एक विशेष टीम ने मुंबई में दबिश दी और सुनील यादव को गिरफ्तार कर शनिवार को मऊगंज लाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सुनील यादव, जो मूल रूप से कपिलदेव यादव का पुत्र है, इस पूरे रैकेट का मुख्य सूत्रधार था। वह मुंबई में रहकर नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को नियंत्रित कर रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके तार और किन-किन शहरों से जुड़े हुए हैं।
दो साल से चल रहा था अवैध धंधा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मऊगंज के चंदन सिंह और मुंबई के सुनील यादव के बीच करीब दो साल पहले संपर्क हुआ था। समय के साथ यह संपर्क एक संगठित अपराध में बदल गया। चंदन सिंह मऊगंज में नशीले पदार्थों को तैयार करने का काम करता था, जिसे बाद में सुनील यादव तक पहुंचाया जाता था। सुनील अपने नेटवर्क के माध्यम से इन मादक पदार्थों को देश के अलग-अलग शहरों में ऊंचे दामों पर बेचता था।
इस पूरे नेटवर्क के संचालन में ट्रांसपोर्टेशन से लेकर डिलीवरी तक का एक व्यवस्थित तंत्र काम कर रहा था। पुलिस ने इस पूरे खेल को समझने के लिए वित्तीय लेनदेन के डेटा को भी खंगाला है, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि इस धंधे से भारी मात्रा में अवैध कमाई की जा रही थी।
पांच आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
मऊगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरेआम ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि इस रैकेट में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा लिए हैं, जिसके आधार पर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी केवल एक शुरुआत है। इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों और मददगारों की तलाश जारी है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है ताकि युवाओं को नशे के इस जाल से बचाया जा सके। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
फिलहाल, पुलिस की टीम पकड़े गए आरोपियों के नेटवर्क और उनके संपर्कों की गहनता से जांच कर रही है। इस मामले ने मऊगंज में नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे को लेकर प्रशासन को सतर्क कर दिया है और पुलिस अब इस तरह के अन्य संदिग्धों पर भी कड़ी नजर रख रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
