मंदसौर में गहराया जल संकट: नगर पालिका ने बदला पानी वितरण का शेड्यूल, अब दो दिन के अंतराल पर होगी सप्लाई
Mandsaur water crisis emergency supply schedule update. मंदसौर जिले में पेयजल संकट गहरा गया है। पिछले 10 दिनों से बारिश न होने के कारण जल स्रोतों का स्तर लगातार घट रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में इन दिनों भीषण पेयजल संकट के हालात उत्पन्न हो गए हैं। पिछले करीब 10 दिनों से क्षेत्र में बारिश का दौर थम जाने के कारण प्रमुख जल स्रोतों का जलस्तर तेजी से नीचे गिर गया है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मंदसौर नगर पालिका ने शहर में पानी की आपूर्ति को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब वितरण व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
नई व्यवस्था: अब दो दिन छोड़कर मिलेगा पानी
नगर पालिका के जल कार्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, शहर में पानी की किल्लत को देखते हुए नई वितरण प्रणाली 19 जुलाई से प्रभावी कर दी गई है। अब निवासियों को पानी के लिए दो दिन का इंतजार करना होगा। उदाहरण के तौर पर, जिन इलाकों में 19 जुलाई को जलापूर्ति की गई है, वहां अब अगली बार 22 जुलाई को पानी पहुंचेगा। इसी तरह 20 जुलाई को पानी पाने वाले क्षेत्रों को अगली सप्लाई 23 जुलाई को दी जाएगी।
इस नई समय-सारणी का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित करना है ताकि शहर के अंतिम छोर तक पानी की उपलब्धता बनी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम जल स्रोतों के घटते स्तर को देखते हुए मजबूरी में उठाया गया है।
ऊंचाई वाले इलाकों के लिए राहत
हालांकि, शहर के सभी इलाकों पर यह नया नियम लागू नहीं होगा। खानपुरा और पुराना किला जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए नगर पालिका ने पुरानी व्यवस्था को ही बरकरार रखा है। इन क्षेत्रों में भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए पहले की तरह एक दिन छोड़कर 40 मिनट तक पानी की सप्लाई जारी रहेगी, ताकि वहां के निवासियों को पानी की भारी किल्लत का सामना न करना पड़े।
नगर पालिका प्रशासन ने इन क्षेत्रों में दबाव की समस्या को देखते हुए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि पानी की आपूर्ति सुचारू बनी रहे।
नागरिकों से संयम बरतने की अपील
जल संकट की इस घड़ी में नगर पालिका ने आम नागरिकों से पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पानी की बर्बादी को हर हाल में रोका जाए। इसके अलावा, जलापूर्ति के दौरान विद्युत मोटरों का उपयोग करने पर भी रोक लगाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि यदि लोग मोटर का उपयोग नहीं करेंगे, तो पानी का दबाव बना रहेगा और सभी घरों तक समान रूप से पानी पहुंच सकेगा।
नगर पालिका के जल कार्य विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि वे शहर में पानी की उपलब्धता और वितरण की स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं। यदि आने वाले दिनों में जल स्रोतों की स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है या संकट और अधिक गहराता है, तो भविष्य में वितरण नियमों में और भी बदलाव किए जा सकते हैं।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन बारिश की प्रतीक्षा कर रहा है ताकि जल स्रोतों का स्तर फिर से सामान्य हो सके। तब तक निवासियों को नगर पालिका द्वारा जारी इस नए शेड्यूल का पालन करने की सलाह दी गई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
