मैहर में आसमानी आफत: बिजली गिरने से 21 बकरियों की दर्दनाक मौत, पशुपालकों को भारी नुकसान
Lightning strike kills goats in Maihar Ramnagar, farmers demand compensation. घटना में 5 अन्य बकरियां घायल भी हुई हैं। हादसा तेज बारिश के दौरान महुआ के एक पेड़ के नीचे हुआ, जहां बकरियां चर रही थीं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के मैहर जिले में रविवार का दिन पशुपालकों के लिए एक बड़ी त्रासदी लेकर आया। रामनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खारा में आकाशीय बिजली गिरने की एक भीषण घटना सामने आई है, जिसमें 21 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस प्राकृतिक आपदा ने स्थानीय पशुपालकों की आजीविका पर गहरा प्रहार किया है।
महुआ के पेड़ के नीचे हुआ हादसा
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर लगभग 2:30 बजे क्षेत्र में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया। तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई थी। इसी दौरान बारिश से बचने के लिए बकरियों का एक झुंड महुआ के एक पेड़ के नीचे आश्रय लिए हुए था। तभी अचानक पेड़ पर जोरदार आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से वहां मौजूद बकरियां काल के गाल में समा गईं।
इस हादसे में कुल 21 बकरियों की जान चली गई, जबकि 5 अन्य बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और पशुपालक मौके पर पहुंचे, जहां का मंजर बेहद हृदयविदारक था। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
पशुपालकों को हुआ भारी आर्थिक नुकसान
आकाशीय बिजली की इस चपेट में कई परिवारों के पशु आए हैं। आंकड़ों के अनुसार, रामकुमार यादव की 6, भूरा यादव की 13, कुल्ली यादव की 1 और रमेश यादव की 1 बकरी की मौत हुई है। इन पशुपालकों के लिए बकरियां ही आय का मुख्य जरिया थीं, और इस अचानक हुई क्षति से वे गहरे सदमे में हैं। पशुपालकों का कहना है कि उन्होंने इन पशुओं को अपने बच्चों की तरह पाला था, लेकिन प्रकृति के इस कहर ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान मवेशियों को खुले में चराना या पेड़ के नीचे रोकना मजबूरी होती है, लेकिन इस बार बिजली गिरने की घटना ने उन्हें संभलने का मौका ही नहीं दिया। घायल बकरियों की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है, जिनका उपचार करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन से मुआवजे की गुहार
घटना के बाद प्रभावित पशुपालकों ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल प्रभाव से नुकसान का आकलन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत से वे आर्थिक रूप से बर्बाद हो गए हैं। पीड़ित परिवारों ने शासन से मांग की है कि घटना का सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे दोबारा अपना जीवन यापन शुरू कर सकें।
फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सरकार इस आपदा को गंभीरता से लेगी और पीड़ित पशुपालकों को राहत राशि प्रदान करेगी। इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान आकाशीय बिजली के खतरों और उससे बचाव के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
