मध्यप्रदेश टैलेंट सर्च: बॉक्सिंग और बैडमिंटन में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा, अंतरराष्ट्रीय कोचों ने परखी क्षमता
Madhya Pradesh Talent Search 2026-27 campaign accelerates. Saturday saw hundreds of young players showcase skills in Bhopal and Jhabua. शनिवार को भोपाल और झाबुआ में आयोजित चयन ट्रायल्स में सैकड़ों युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राज्य स्तरीय टैलेंट सर्च अभियान ने पकड़ी रफ्तार
मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'टैलेंट सर्च 2026-27' अभियान के तहत चयन प्रक्रिया में तेजी आई है। शनिवार को भोपाल और झाबुआ में आयोजित ट्रायल्स में प्रदेश भर के सैकड़ों युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर से छिपी हुई प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें राज्य खेल अकादमियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है।
चयन प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस, तकनीकी दक्षता और खेल के प्रति उनकी समझ का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। विभाग के अनुसार, इन ट्रायल्स में सफल होने वाले खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस अकादमियों में प्रशिक्षित किया जाएगा, जहाँ उन्हें विशेषज्ञ कोचों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
बॉक्सिंग और बैडमिंटन में दिखा युवाओं का उत्साह
राजधानी के टी.टी. नगर स्टेडियम स्थित मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी में आयोजित ट्रायल्स में युवाओं की भारी भीड़ देखी गई। यहां कुल 148 खिलाड़ियों ने अपनी दावेदारी पेश की, जिनमें 84 बालक और 64 बालिकाएं शामिल थीं। मुख्य प्रशिक्षक रोशन लाल के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने खिलाड़ियों की तकनीक और मुकाबला करने की क्षमता को परखा।
बैडमिंटन के क्षेत्र में भी खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बना। टी.टी. नगर स्टेडियम में आयोजित इस स्पर्धा में 70 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। विशेष बात यह रही कि चयन प्रक्रिया का नेतृत्व ग्वालियर बैडमिंटन अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक और पी.वी. सिंधु के पूर्व कोच अगुस द्वी सन्तोसा ने किया। उनके साथ इंडोनेशिया के डबल्स विशेषज्ञ सोफियान और विनीत सरोदे ने खिलाड़ियों की बारीकियों को जांचा।
ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाओं पर जोर
झाबुआ में आयोजित तीरंदाजी ट्रायल्स ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां 22 खिलाड़ियों ने लक्ष्यभेदन और एकाग्रता का शानदार प्रदर्शन किया। खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले इन खिलाड़ियों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सही मंच और प्रशिक्षण मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है। मूल्यांकन का एकमात्र आधार खिलाड़ी का प्रदर्शन और उसकी शारीरिक क्षमता है। विभाग का प्रयास है कि किसी भी योग्य खिलाड़ी को अवसर से वंचित न रखा जाए और सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को ही अकादमियों में जगह मिले।
आगामी चरण और भविष्य की राह
टैलेंट सर्च अभियान के अगले चरणों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में एथलेटिक्स, ट्रायथलॉन, क्याकिंग एवं केनोइंग, पुरुष व महिला हॉकी, तीरंदाजी और ताइक्वांडो जैसे खेलों के लिए चयन ट्रायल्स आयोजित किए जाएंगे। विभाग ने प्रदेश के सभी पात्र खिलाड़ियों से इन ट्रायल्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है।
इन ट्रायल्स के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को न केवल बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि उन्हें आधुनिक खेल उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं का लाभ भी प्राप्त होगा। यह पहल मध्यप्रदेश को खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
