मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती: 39 जिलों में औसत से कम बारिश, अगले सप्ताह से उम्मीद
Madhya Pradesh monsoon rainfall deficit update, low rain recorded in MP districts. मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी से बारिश के ओवरऑल आंकड़े में गिरावट आ रही है। प्रदेश में अब तक औसत 9.7 इंच पानी गिरा है, जो सामान्य बारिश से 15% कम है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी के चलते बारिश के आंकड़ों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदेश में अब तक औसत 9.7 इंच बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से 15 प्रतिशत कम है। पिछले एक सप्ताह से राज्य में बारिश का दौर लगभग थमा हुआ है, जिससे सूखे जैसे हालात बन रहे हैं।
मानसून की देरी और जुलाई में सुस्ती
इस वर्ष मानसून प्रदेश में 9 दिन की देरी से 24 जून को पहुंचा था। हालांकि, शुरुआत में इसने तेजी दिखाई, लेकिन जुलाई के दूसरे सप्ताह से मानसून कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 11.4 इंच बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 9.7 इंच पानी ही गिरा है। जून महीने में 30 प्रतिशत की कमी के बाद जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन हालिया सूखे सप्ताह ने फिर से चिंता बढ़ा दी है।
बारिश की कमी का सीधा असर नदियों और बांधों के जलस्तर पर पड़ रहा है। नर्मदा और लखुंदर जैसी नदियां, जो पिछले सप्ताह उफान पर थीं, अब फिर से सूखने लगी हैं। बारिश न होने के कारण तापमान में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
क्षेत्रवार बारिश की स्थिति
प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, विशेषकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में बारिश की स्थिति अन्य संभागों के मुकाबले बेहतर है। उज्जैन संभाग के देवास जिले में अब तक 17.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो कोटे का 50 प्रतिशत से अधिक है। इसके विपरीत, आलीराजपुर जिले में मानसून सबसे अधिक कमजोर रहा है, जहां केवल 2.3 इंच बारिश हुई है।
राज्य के 39 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है, जिनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर जैसे जिले शामिल हैं। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और देवास सहित 16 जिलों में बारिश की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है।
अगले सप्ताह से राहत की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वर्तमान निम्न दाब क्षेत्र के कमजोर पड़ने के बाद, 20 से 22 जुलाई के बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दाब क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। यदि यह प्रणाली सक्रिय होती है, तो मध्य प्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं।
प्रमुख शहरों की बात करें तो भोपाल में कोटे की 34 प्रतिशत बारिश हो चुकी है, जबकि इंदौर में 14 इंच बारिश दर्ज की गई है। जबलपुर में 9 इंच और उज्जैन में 11.7 इंच बारिश हुई है। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी मानसून के देरी से आने के बावजूद अब हालात सुधरने की उम्मीद है। मौसम विभाग की ओर से आगामी दिनों में सक्रिय होने वाले मानसून तंत्र पर नजर रखी जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
