मधेपुरा: मिड-डे मील में छिपकली मिलने के बाद प्रधानाध्यापक पर गिरी गाज, 45 बच्चे हुए थे बीमार
Madhepura school mid-day meal lizard incident, minister Mithilesh Tiwari orders investigation, headmaster suspended. मधेपुरा के गम्हरिया प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जागीर टोला में मिड-डे मील खाने के बाद 45 बच्चों के बीमार पड़ने के मामले में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर हुई जांच के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षा विभाग ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक निर्मल कुमार भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मिड-डे मील में लापरवाही पर शिक्षा विभाग का कड़ा एक्शन
बिहार के मधेपुरा जिले में मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गम्हरिया प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय जागीर टोला में भोजन के दौरान बच्चों की सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर हुई जांच के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक निर्मल कुमार भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
घटना 18 जुलाई की है, जब विद्यालय में परोसे गए मिड-डे मील में छिपकली की पूंछ मिलने का दावा किया गया था। इस दूषित भोजन को खाने के बाद करीब 45 बच्चे बीमार पड़ गए थे। बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत सिंहेश्वर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया था।
प्रधानाध्यापक की लापरवाही और निलंबन की प्रक्रिया
घटना के तुरंत बाद जिला शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक निर्मल कुमार भारती से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रधानाध्यापक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विभाग ने इसे उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, अपने कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता और मिड-डे मील योजना के संचालन में गंभीर लापरवाही माना है।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, निलंबन की अवधि के दौरान प्रधानाध्यापक का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, ग्वालपाड़ा निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें विभागीय नियमों के तहत केवल निर्वाह भत्ता ही देय होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ आरोप पत्र अलग से जारी किया जाएगा, ताकि मामले की विस्तृत जांच हो सके।
आगे की कार्रवाई और व्यवस्था में सुधार
प्रशासन ने अब विद्यालय के संचालन को सुचारू बनाने के लिए कदम उठाए हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, गम्हरिया को निर्देश दिया गया है कि वे विद्यालय के किसी वरिष्ठ शिक्षक या शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से विद्यालय का प्रभार सौंपें। इसके साथ ही, निलंबित प्रधानाध्यापक को नियमानुसार विरमित कर उन्हें उनके निलंबन मुख्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
इस पूरे मामले में केवल प्रधानाध्यापक ही नहीं, बल्कि अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी गाज गिर सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मिड-डे मील तैयार करने वाले रसोईया और बीआरपी (प्रखंड संसाधन व्यक्ति) की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उन पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बाद यह पूरी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
शिक्षा विभाग का यह कदम सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। स्थानीय प्रशासन ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी। विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
