लखनऊ में 'ऑपरेशन कवच': यात्री बसों की आड़ में हो रही थी जीएसटी चोरी, नौ बसें जब्त
राजधानी लखनऊ में राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग के संयुक्त अभियान ऑपरेशन कवच के दौरान जीएसटी चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बसों के जरिए बिना ई-वे बिल और अन्य वैध दस्तावेजों के भारी मात्रा में व्यापारिक माल की ढुलाई की जा रही थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए जीएसटी चोरी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। 'ऑपरेशन कवच' के तहत चलाए गए इस विशेष अभियान में दिल्ली से विभिन्न जिलों की ओर जा रही नौ लग्जरी यात्री बसों को पकड़ा गया है। इन बसों में यात्रियों के सामान के साथ भारी मात्रा में व्यापारिक माल बिना किसी वैध दस्तावेज और ई-वे बिल के ले जाया जा रहा था।
दो दिनों तक चला सघन जांच अभियान
शासन के कड़े निर्देशों के बाद 19 और 20 जुलाई को लखनऊ के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। राज्य कर विभाग के लखनऊ जोन प्रथम और द्वितीय के साथ परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने संयुक्त रूप से संदिग्ध बसों को रोका। जांच के दौरान यह पाया गया कि बस संचालक यात्री परिवहन की आड़ में अवैध रूप से व्यापारिक माल की ढुलाई कर रहे थे, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था।
पकड़ी गई बसों में एनकेबी स्मार्ट बस, मेट्रो बस, न्यू इंडिया रिलैक्स हॉलीडे और आईटीसी ट्रैवल्स जैसी नामी बसें शामिल हैं। इन बसों का पंजीकरण उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार और असम जैसे राज्यों में भी पाया गया है। विभाग ने सभी नौ बसों को हजरतगंज स्थित राज्य कर कार्यालय में खड़ा करवाया है, जहां माल का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।
दस्तावेजों के अभाव में 300 बोरे माल जब्त
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने बसों से करीब 300 बोरे व्यापारिक माल बरामद किया है। इन सामानों के साथ कोई भी ई-वे बिल या टैक्स चालान नहीं मिला, जो जीएसटी नियमों का सीधा उल्लंघन है। अधिकारियों ने बताया कि बस संचालकों के खिलाफ अर्थदंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस तरह की कर चोरी से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचता है, बल्कि ईमानदार व्यापारियों के लिए भी बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा होती है।
इस अभियान का नेतृत्व राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त मनोज कुमार विश्वकर्मा और अमरेश त्रिपाठी ने किया। वहीं, परिवहन विभाग की ओर से संभागीय परिवहन अधिकारी प्रभात पांडेय और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी आस्था बंसल ने अपनी टीमों के साथ मोर्चा संभाला। सचल दल की विभिन्न इकाइयों ने अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी कर इन बसों को पकड़ा।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्री बसों का उपयोग माल ढुलाई के लिए करने वाले संचालकों पर आगे भी कड़ी नजर रखी जाएगी। 'ऑपरेशन कवच' के तहत यह कार्रवाई एक चेतावनी है कि टैक्स चोरी के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी बस संचालकों और व्यापारियों को सलाह दी है कि वे माल परिवहन के दौरान सभी अनिवार्य दस्तावेजों और ई-वे बिल को साथ रखें।
आने वाले दिनों में इस तरह के औचक निरीक्षण और तेज किए जाएंगे। पकड़े गए माल और बसों के मामले में विभागीय नियमानुसार जुर्माना और कर वसूली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्ती से भविष्य में कर चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी और राजस्व में वृद्धि होगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!