लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा, 'इडियट' शब्द को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
Parliament Monsoon Session 29 July 2026 LIVE Update. लोकसभा में आज पेपर लीक से जुड़े

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा कर रहे थे। राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान 'इडियट' शब्द का प्रयोग किया, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया और उनसे माफी की मांग की।
राहुल गांधी का संबोधन और विवादित टिप्पणी
राहुल गांधी ने लगभग 50 मिनट तक सदन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पेपर लीक के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरने को मजबूर है। उन्होंने युवाओं के संघर्ष का जिक्र करते हुए एक छात्रा के साथ हुई अपनी बातचीत का हवाला दिया। राहुल ने कहा कि जब उन्होंने छात्रों से उनकी राय पूछी, तो उन्होंने कुछ लोगों को 'इडियट' कहकर संबोधित किया। इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और भाजपा सांसदों ने इसे असंसदीय बताते हुए कार्यवाही से हटाने की मांग की।
हंगामे के बीच राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि सत्ता पक्ष चाहता है कि देश में केवल भाजपा की बात सुनी जाए, तो वे चुप बैठने को तैयार हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल की भाषा पर आपत्ति जताई। राजनाथ सिंह ने स्पीकर से आग्रह किया कि असंसदीय शब्दों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाए। अंततः, स्पीकर ओम बिरला ने 'इडियट' शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।
छात्रों पर कार्रवाई और गृह मंत्री पर आरोप
राहुल गांधी ने अपने भाषण में यह गंभीर आरोप भी लगाया कि गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने और पैलेट गन का उपयोग करने की अनुमति दी थी। इस बयान पर किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे आधारहीन और गंभीर आरोप बताया। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी सबूत के इस तरह की बातें कर रहे हैं और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। इस विवाद के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी सरकार को घेरा। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं, तो सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के पुराने बयानों को लेकर उन पर निशाना साधा, जिसके बाद सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन
संसद के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर भी विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी रहा। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम मंदिर ट्रस्ट में कथित चंदा चोरी के आरोपों को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया और 'चंदा चोर गद्दी छोड़ो' के नारे लगाए। वहीं, भाजपा सांसदों ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रही है। मानसून सत्र के पिछले कुछ दिनों से पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर लगातार गतिरोध बना हुआ था। हालांकि, 27 जुलाई को स्पीकर की पहल के बाद बिल पर चर्चा के लिए सहमति बनी थी, लेकिन आज के हंगामे ने सत्र की कार्यवाही को फिर से प्रभावित किया है।
संसदीय नियमों के अनुसार, स्पीकर को यह अधिकार है कि वह किसी भी ऐसी टिप्पणी को सदन के रिकॉर्ड से हटा सकते हैं जिसे वे असंसदीय या गरिमा के प्रतिकूल मानते हैं। नियम 380 और 381 के तहत, ऐसे शब्दों को तारांकित करके 'एक्सपंज' कर दिया जाता है। फिलहाल, सदन में इस विधेयक पर चर्चा जारी रखने की चुनौती बनी हुई है, क्योंकि विपक्ष लगातार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
