लखीमपुर-खीरी: चलती सीएनजी कार बनी आग का गोला, एसएसबी जवानों ने बचाई 6 लोगों की जान
Lakhimpur Kheri car fire rescue operation near Nepal border. लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमा पर गौरीफंटा के निकट शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे एक चलती सीएनजी अर्टिगा कार में आग लग गई। एसएसबी जवानों और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भारत-नेपाल सीमा के पास हुआ बड़ा हादसा
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी जिले में भारत-नेपाल सीमा के समीप शुक्रवार की रात एक भीषण सड़क हादसा होते-होते टल गया। गौरीफंटा के निकट एक चलती हुई सीएनजी अर्टिगा कार में अचानक आग लग गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि समय रहते एसएसबी के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई, जिससे कार में सवार सभी छह लोगों की जान सुरक्षित बचा ली गई।
घटना शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे की है। कार पीलीभीत से गौरीफंटा की ओर जा रही थी। जैसे ही वाहन कजरिया सीमा चौकी से लगभग 200 मीटर पहले पहुंचा, अचानक इंजन से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते कार आग की लपटों में घिर गई। कार में सवार यात्रियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला था कि आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
एसएसबी जवानों और ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान
कार में शाहजहांपुर जिले के खुटार निवासी प्रभाकर वर्मा अपने परिजनों के साथ सवार थे। आग लगने की सूचना मिलते ही 39वीं वाहिनी एसएसबी की एफ समवाय के जवान तुरंत हरकत में आए। कजरिया सीमा चौकी पर तैनात जवानों ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर जवानों की मदद की और कार के दरवाजे खोलकर सभी छह यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तीव्र थी कि कुछ ही मिनटों के भीतर पूरी कार जलकर खाक हो गई। यदि जवानों और ग्रामीणों ने कुछ पल की भी देरी की होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है और उसका ढांचा मात्र शेष बचा है।
आग के कारणों की जांच शुरू
घटना के बाद से ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच में जुट गई हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आग इंजन के हिस्से से शुरू हुई थी। हालांकि, सीएनजी किट में खराबी थी या कोई अन्य तकनीकी कारण, यह फोरेंसिक जांच और तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर सीएनजी वाहनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सीएनजी वाहनों की समय-समय पर सर्विसिंग और लीकेज की जांच अत्यंत आवश्यक है। फिलहाल, सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उनके गंतव्य की ओर भेजा गया है।
सुरक्षा के प्रति सतर्कता जरूरी
लखीमपुर-खीरी की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि आपातकालीन स्थिति में स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों का आपसी तालमेल किसी की जान बचाने के लिए कितना महत्वपूर्ण है। फिलहाल पुलिस मामले की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है और वाहन के मलबे को सड़क से हटाने का कार्य किया जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
