खरगोन: बारिश थमते ही खेतों में लौटे किसान, निंदाई-गुड़ाई का काम तेज
Khargone farmers busy weeding fields after 23% average rainfall. खरगोन जिले में लगातार बारिश के बाद पिछले दो दिनों से विराम लग गया है। इस दौरान किसान अपने खेतों में निंदाई-गुड़ाई कर खरपतवार हटा रहे हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बाद अब मौसम ने करवट ली है। बीते दो दिनों से बारिश का दौर थमने के साथ ही किसानों ने राहत की सांस ली है। खेतों में पानी जमा होने और नमी के कारण जो काम रुक गए थे, उन्हें अब तेजी से पूरा किया जा रहा है। किसान अपनी फसलों को खरपतवार से बचाने के लिए निंदाई-गुड़ाई के काम में जुट गए हैं।
जिले में अब तक 23 प्रतिशत बारिश दर्ज
आंकड़ों के अनुसार, खरगोन जिले में अब तक कुल 10.1 इंच यानी करीब 255.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह जिले की कुल वार्षिक औसत वर्षा का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा है। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इस बार बारिश का आंकड़ा बेहतर है, क्योंकि पिछले साल इस समय तक केवल 7.5 इंच यानी 191 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई थी। जिले की कुल औसत वार्षिक वर्षा 32.6 इंच यानी 825.2 मिलीमीटर निर्धारित है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि कपास, मिर्च और मक्का की फसलों के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है। भगतसिंह नामक एक किसान ने बताया कि लगातार बारिश के कारण खेतों के निचले हिस्सों में खरपतवार तेजी से पनप गई है, जिसे हटाना जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फसलें अभी अपनी शुरुआती बढ़वार की स्थिति में हैं, इसलिए आने वाले समय में भी नियमित अंतराल पर बारिश की आवश्यकता बनी रहेगी।
मौसम में बदलाव और उमस का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश के थमने के पीछे पश्चिम से आने वाली हवाओं का हाथ है। करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही इन हवाओं ने बादलों की दिशा को पूर्व की ओर मोड़ दिया है, जिससे फिलहाल बारिश का सिलसिला रुक गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक जिले में भारी बारिश की संभावना काफी कम है।
बारिश रुकने के बाद से ही जिले में उमस का स्तर बढ़ गया है। बादलों की आवाजाही के बीच तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सप्ताह की शुरुआत में अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, जो शनिवार तक बढ़कर 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। उमस भरी गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है।
फसलों की सुरक्षा के लिए किसान सतर्क
खरगोन का कृषि क्षेत्र मुख्य रूप से कपास और मिर्च की खेती पर निर्भर है। बारिश का ब्रेक मिलने से किसानों को खेतों में खरपतवार निकालने और खाद डालने का उचित समय मिल गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहता है, तो फसलों की जड़ों को मजबूती मिलेगी और कीटों के प्रकोप को रोकने में भी मदद मिलेगी।
आने वाले दिनों में मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मानसून की सक्रियता में कमी देखी जा सकती है। किसान अब अपनी फसलों की देखभाल पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि उत्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। जिले के कृषि विभाग ने भी किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि अचानक होने वाली बारिश से फसलें खराब न हों।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
