E-20 पेट्रोल को लेकर केजरीवाल का केंद्र पर हमला, पुरानी गाड़ियों के भविष्य पर उठाए गंभीर सवाल
Arvind Kejriwal alleges Modi government forcing E20 petrol use on 30 crore old vehicles. आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर जनता पर जबरन E-20 पेट्रोल थोपने और ऑटोमोबाइल कंपनियों पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि देश की सड़कों पर 2023 से पहले की बनी लगभग 30 करोड़ गाड़ियां दौड़ रही हैं, जिन्हें मोदी सरकार E-20 पेट्रोल का इस्तेमाल करवाकर कबाड़ बनाने पर तुली हुई

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पुरानी गाड़ियों के लिए E-20 पेट्रोल घातक होने का दावा
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E-20 पेट्रोल नीति पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने दावा किया कि सरकार देश की सड़कों पर दौड़ रही लगभग 30 करोड़ पुरानी गाड़ियों पर जबरन E-20 पेट्रोल थोप रही है। केजरीवाल का आरोप है कि इस कदम से पुरानी गाड़ियों के इंजन और फ्यूल सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है, जिससे वे कबाड़ में तब्दील हो सकती हैं।
केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने देश की 29 प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर यह जानने की कोशिश की थी कि क्या 2023 से पहले निर्मित वाहनों के लिए E-20 पेट्रोल का उपयोग तकनीकी रूप से सुरक्षित है। उनके अनुसार, किसी भी कंपनी ने लिखित में जवाब देने का साहस नहीं दिखाया। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि 9 बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने फोन पर स्वीकार किया है कि यह ईंधन पुरानी गाड़ियों की माइलेज और इंजन की कार्यक्षमता को प्रभावित कर रहा है।
कंपनियों को मिल रही है जांच एजेंसियों की धमकी
पूर्व मुख्यमंत्री ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियों को केंद्र सरकार द्वारा डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि यदि उन्होंने सार्वजनिक रूप से E-20 पेट्रोल के नुकसान के बारे में बात की, तो उनके प्लांट बंद करवाने के साथ ही उन पर ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग के छापे डलवाए जाएंगे। केजरीवाल ने इसे सरकार की 'गुंडागर्दी' करार दिया है।
केजरीवाल ने कहा कि E-20 पेट्रोल के खिलाफ आगामी शनिवार को आयोजित होने वाले 'नेशनल टाउन हॉल' को रोकने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कार्यक्रम की बुकिंग होने के बावजूद प्रशासन इसे बाधित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की धमकियों के बावजूद यह कार्यक्रम तय समय पर ही होगा और जनता इस फैसले के खिलाफ अपनी आवाज उठाएगी।
अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी केंद्र और दिल्ली की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पेपर लीक मामले में छात्रों पर दर्ज एफआईआर को वापस न लेने पर नाराजगी जताई और कहा कि मंत्रियों के वादे खोखले साबित हुए हैं। उन्होंने छात्रों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन को अपनी पार्टी का पूरा समर्थन देने की बात दोहराई।
दिल्ली में जलभराव की समस्या पर तंज कसते हुए केजरीवाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों में दिल्ली की स्थिति बदतर हुई है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान बसों और मेट्रो स्टेशनों में पानी भरना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को भी केवल दिखावा करार दिया। उनका तर्क है कि इस योजना में इतनी अधिक शर्तें जोड़ी गई हैं कि इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाएगा।
सरकार से नीति वापस लेने की मांग
अरविंद केजरीवाल ने अंत में कहा कि सरकार को E-20 पेट्रोल से संबंधित अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता सरकार की जेल और डंडों की राजनीति से डरने वाली नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बढ़ते विरोध के बाद सरकार को इस नीति को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम आदमी की संपत्ति और सुरक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
