कौशांबी: महिला से अभद्र व्यवहार करने वाले सब-इंस्पेक्टर पर गिरी गाज, एसपी ने किया लाइन हाजिर
Kaushambi Dial 112 SI suspended after viral video shows indecent language towards woman. कौशांबी में एक वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बड़ी कार्रवाई की है। एक महिला से अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप में डायल 112 पीआरवी के उपनिरीक्षक मिर्जा शमी बाग को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। जिले के चरवा थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में डायल 112 के एक उपनिरीक्षक (एसआई) के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
जमीन विवाद सुलझाने पहुंचे थे पुलिसकर्मी
घटना 4 अगस्त 2026 की है, जब चरवा थाना क्षेत्र के बलीपुर टाटा गांव में जमीन संबंधी विवाद की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलने पर यूपी-112 की पीआरवी-5769 मौके पर पहुंची थी। इस टीम में उपनिरीक्षक मिर्जा शमी बाग भी शामिल थे। आरोप है कि विवाद के निपटारे के दौरान पुलिस अधिकारी ने वहां मौजूद एक महिला के साथ बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में इंटरनेट पर तेजी से फैल गया। वीडियो में पुलिस अधिकारी द्वारा महिला के प्रति अपनाई गई भाषा शैली ने पुलिस की छवि को धूमिल करने का काम किया, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश देखा गया।
एसपी ने लिया कड़ा संज्ञान
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला कौशांबी के पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के संज्ञान में आया। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी चायल के क्षेत्राधिकारी शिवांक सिंह को सौंपी गई थी।
क्षेत्राधिकारी द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में उपनिरीक्षक मिर्जा शमी बाग पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पुलिस अधिकारी का व्यवहार विभाग की गरिमा के विपरीत था और उन्होंने एक नागरिक के साथ अशोभनीय आचरण किया।
विभागीय जांच शुरू, लाइन हाजिर किए गए एसआई
जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक मिर्जा शमी बाग को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जनता की सेवा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार या अनुचित भाषा का प्रयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करते समय शालीनता बनाए रखें।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन के त्वरित निर्णय का स्वागत किया है। हालांकि, यह घटना एक बार फिर पुलिस और जनता के बीच संवाद और व्यवहार के स्तर पर सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है। फिलहाल, मामले में विभागीय जांच जारी है और पुलिस विभाग इस पूरे प्रकरण की बारीकी से समीक्षा कर रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
