कानपुर में गंगा स्नान के दौरान हादसा, चार छात्राएं डूबीं; रावतपुर में जहर कांड पर नया खुलासा
गंगा स्नान करने आईं 4 छात्राएं अचानक गंगा में डूबने लगीं। रावतपुर में ससुराल वालों को चाय में स्लो प्वाइजन देने के आरोपों पर महिला ने खुद को बेगुनाह बताया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गंगा घाट पर हुआ बड़ा हादसा
कानपुर में गुरुवार का दिन एक दुखद घटना के साथ शुरू हुआ। शहर के गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचीं चार छात्राएं गहरे पानी में जाने के कारण डूबने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। घाट पर मौजूद एक सतर्क दुकानदार ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में छलांग लगा दी, जिससे तीन छात्राओं को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक छात्रा का अभी भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की मदद से लापता छात्रा की तलाश युद्धस्तर पर जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्राएं अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गई थीं। बचाव कार्य में जुटी टीम का कहना है कि नदी के बहाव और गहराई के कारण तलाशी अभियान में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल, बचाई गई तीनों छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
रावतपुर जहर कांड में चौंकाने वाला मोड़
शहर के रावतपुर इलाके में चर्चा का विषय बने 'स्लो प्वाइजन' मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। ससुराल वालों को चाय में जहर देने के आरोपों का सामना कर रही महिला ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। महिला का दावा है कि वह पूरी तरह बेगुनाह है और इस साजिश के पीछे उसके पति का हाथ है।
महिला ने पुलिस को दिए अपने बयान में आरोप लगाया है कि उसके पति ने ही उसे एक पुड़िया दी थी और उसे चाय में मिलाने का निर्देश दिया था। इस खुलासे के बाद पुलिस अब मामले की नए सिरे से जांच कर रही है। पति की भूमिका की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असल साजिश क्या थी।
कांवड़ यात्रा के लिए यातायात में बदलाव
आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए कानपुर प्रशासन ने सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए कड़े कदम उठाए हैं। शहर में 1 अगस्त से 28 अगस्त तक भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। यह व्यवस्था अलग-अलग चरणों में प्रभावी रहेगी ताकि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
यातायात पुलिस के अनुसार, भारी वाहनों को शहर के मुख्य मार्गों से हटाकर वैकल्पिक रास्तों से गुजारा जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों को भी रूट चार्ट का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन की सतर्कता और आगे की कार्रवाई
कानपुर में एक ही दिन में हुई इन घटनाओं ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। गंगा में डूबी छात्रा की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को भी तैनात किया गया है। वहीं, रावतपुर मामले में पुलिस अब पति-पत्नी दोनों के बयानों का मिलान कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की गश्त बढ़ा दी गई है।
आने वाले दिनों में कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के निवासियों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!