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कानपुर: नेगी गेस्ट हाउस संचालक को सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश, 40 लोगों पर मुकदमा दर्ज

कानपुर के रावतपुर स्थित चर्चित नेगी गेस्ट हाउस के संचालक गजेंद्र सिंह नेगी ने फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने, धमकाने और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर पर पुलिस ने 11 नामजद और 29 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

1 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
कानपुर: नेगी गेस्ट हाउस संचालक को सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश, 40 लोगों पर मुकदमा दर्ज
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कानपुर के रावतपुर इलाके में स्थित चर्चित नेगी गेस्ट हाउस के संचालक गजेंद्र सिंह नेगी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सुनियोजित तरीके से बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर 11 नामजद और 29 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

फर्जी आईडी बनाकर फैलाया जा रहा दुष्प्रचार

केशवपुरम निवासी गजेंद्र सिंह नेगी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने 'गजेंद्र सिंह नेगी मुक्ति मोर्चा' के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए हैं। इन अकाउंट्स के जरिए न केवल उनकी और उनके परिवार की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, बल्कि भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री भी प्रसारित की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि यह सब उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

नेगी ने आरोप लगाया कि उनके नाम से एक अन्य फर्जी आईडी भी संचालित की जा रही है, जिसका उपयोग उनके खिलाफ गलत सूचनाएं फैलाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले भी उन्हें कई झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने का प्रयास किया गया था, और अब डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

मुकदमे वापस लेने का दबाव और धमकियां

शिकायतकर्ता के अनुसार, यह पूरा विवाद कुछ पुराने मुकदमों से जुड़ा है। गजेंद्र सिंह नेगी का आरोप है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। मुख्य रूप से उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों को वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। धमकियों में कहा गया है कि यदि वे कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटते हैं, तो उन्हें और उनके पूरे परिवार को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा और नए फर्जी मामलों में फंसा दिया जाएगा।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गजेंद्र सिंह नेगी पर स्वयं भी पूर्व में 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस पृष्ठभूमि के कारण पुलिस इस पूरे मामले को काफी गंभीरता से देख रही है और दोनों पक्षों के दावों की गहन पड़ताल कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा

पुलिस ने जिन 11 लोगों को नामजद किया है, उनमें विवेक कुमार गुप्ता, योगेश कुमार सिंह, रविकांत बाजपेई, बृजेश कुमार सिंह, साधना सचान, देवेंद्र सिंह, कार्तिक पांडेय, ललित कुमार पांडेय, आशीष दीवान, अरुण कुमार अवस्थी और अमित कटियार शामिल हैं। इनके अलावा 29 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वर्तमान में पुलिस की साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से उन फर्जी अकाउंट्स की जानकारी मांगी जा रही है, जिनके जरिए भ्रामक पोस्ट किए गए थे।

जांच अधिकारी का कहना है कि डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि इन फर्जी आईडी को कौन संचालित कर रहा था और इसके पीछे मुख्य साजिशकर्ता कौन है। साक्ष्य मिलने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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