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कानपुर गोलीकांड: 24 दिन बाद बरामद हुआ वारदात में इस्तेमाल तमंचा, मुख्य आरोपी की निशानदेही पर मिली सफलता

Kanpur retired sub-inspectors son firing case update. Police recover 315 bore pistol hidden in bushes near Panki canal. मुख्य आरोपी दीपांकर उपाध्याय ने पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पनकी नहर किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा तमंचा और उसमें लगा एक जिंदा कारतूस बरामद कराया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

10 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 598
कानपुर गोलीकांड: 24 दिन बाद बरामद हुआ वारदात में इस्तेमाल तमंचा, मुख्य आरोपी की निशानदेही पर मिली सफलता
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घटना के करीब एक महीने बाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

कानपुर के कल्याणपुर इलाके में एक सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। घटना के 24 दिन बीत जाने के बाद, पुलिस ने शुक्रवार शाम को उस हथियार को बरामद कर लिया है जिसका इस्तेमाल पीड़ित को गोली मारने के लिए किया गया था। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराएं भी जोड़ दी हैं।

मुख्य आरोपी दीपांकर उपाध्याय को पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को उस स्थान के बारे में जानकारी दी जहां उसने वारदात के बाद हथियार छिपाया था। पुलिस टीम आरोपी को लेकर पनकी नहर के किनारे पहुंची, जहां झाड़ियों में छिपाकर रखा गया 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

क्या था पूरा मामला और विवाद की वजह

मामले की जानकारी के अनुसार, 16 जून को आवास विकास-3 निवासी सेवानिवृत्त दरोगा रवींद्र सिंह के बेटे प्रदीप पर हमला किया गया था। प्रदीप उस दिन अपने बीमार ताऊ का हाल जानने के लिए घर आए थे। आरोप है कि उसी शाम दीपांकर उपाध्याय, गोकुल शुक्ला और रोहित सिंह उर्फ बाबू ठाकुर ने उन्हें गजानन स्कूल के पीछे स्थित एक पार्क में बातचीत के बहाने बुलाया था।

पार्क में शराब पीने के दौरान किसी पुराने विवाद को लेकर बहस शुरू हो गई। पीड़ित के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने पहले प्रदीप की बेल्ट से पिटाई की और फिर गोकुल व रोहित द्वारा पकड़े जाने पर दीपांकर ने तमंचे से उन पर फायर कर दिया। गोली प्रदीप के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

घटना के बाद कल्याणपुर थाने में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद तीनों आरोपियों ने 20 जून को कानपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे।

आगे की कानूनी कार्रवाई

कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव तिवारी ने बताया कि हथियार की बरामदगी के लिए सीजेएम-2 कोर्ट से आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड ली गई थी। शुक्रवार सुबह आरोपी को जेल से लाकर पूछताछ की गई, जिसके बाद बरामदगी संभव हो सकी। बरामद किए गए तमंचे को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हथियार बरामद होने के बाद मामले की विवेचना और अधिक मजबूत हो गई है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को वापस जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में अन्य साक्ष्यों को जुटाने और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करने में जुटी है।

इस घटना ने स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी थी और पुलिस पर जल्द से जल्द हथियार बरामद करने का दबाव था। अब जबकि मुख्य साक्ष्य बरामद हो चुका है, पुलिस जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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