कानपुर देहात में मूसलाधार बारिश से अलर्ट: मंत्री संजय निषाद ने बाढ़ तैयारियों की ली समीक्षा बैठक
कानपुर देहात में पिछले 18 घंटों से हो रही लगातार बारिश के कारण संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्रभारी मंत्री डॉ. संजय निषाद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद की बाढ़ तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कानपुर देहात में पिछले 18 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के चलते प्रशासन ने संभावित बाढ़ के खतरों को देखते हुए कमर कस ली है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. संजय निषाद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिले की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में बनी रणनीति
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी और विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। वहीं, कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय समेत आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।
प्रभारी मंत्री डॉ. निषाद ने स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना चाहिए।
बाढ़ चौकियों और कंट्रोल रूम की स्थापना
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिले के सभी बाढ़ संभावित इलाकों में विशेष चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। इसके अतिरिक्त, एक 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम भी बनाया गया है ताकि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल सहायता मिल सके। बचाव कार्यों के लिए नाविकों और गोताखोरों की सूची तैयार कर ली गई है और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्री ने फसल सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण यदि फसलों को नुकसान होता है, तो उसका समयबद्ध सर्वे कराया जाए ताकि पात्र किसानों को फसल बीमा का लाभ मिल सके। इसके साथ ही, गांवों में जागरूकता फैलाने के लिए हेल्पलाइन नंबरों और बचाव उपायों से संबंधित पोस्टर व बैनर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुधन और जनसामान्य की सुरक्षा पर जोर
बैठक में पशुधन की सुरक्षा पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और आवश्यक दवाइयों का स्टॉक पहले से ही तैयार रखा जाए। चिकित्सीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है ताकि आपदा के समय पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शासन को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे लगातार हो रही बारिश के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
लगातार 18 घंटों की बारिश ने जिले के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और राहत दलों को किसी भी समय तैनाती के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
