कैथल: पैरालाइज्ड व्यक्ति को नेट बैंकिंग का झांसा देकर 1.68 लाख की ठगी
Kaithal net banking fraud victim paralyzed man cheated ₹1.68 Lakhs. कैथल में एक व्यक्ति के बैंक खातों की डिटेल जानकर व नेट बैंकिंग का एक्सेस देने के नाम पर रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपी ने पैरालाइज से बीमार व्यक्ति से 1 लाख 68 हजार रुपए हड़प लिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नेट बैंकिंग के नाम पर रची गई साजिश
हरियाणा के कैथल जिले में साइबर ठगों ने एक संवेदनहीन वारदात को अंजाम दिया है। जिले के पाई गेट पूंडरी निवासी एक पैरालाइज्ड व्यक्ति को अपना शिकार बनाते हुए अज्ञात जालसाजों ने उसके बैंक खाते से 1.68 लाख रुपये उड़ा लिए। आरोपी ने पीड़ित को घर बैठे बैंकिंग सुविधा देने का लालच देकर उसे झांसे में लिया।
पीड़ित विनोद कुमार, जो शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं, ने साइबर थाना पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि चार दिन पहले उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक प्रतिनिधि के रूप में पेश किया और पीड़ित को भरोसा दिलाया कि वह उनके मोबाइल पर नेट बैंकिंग की सुविधा शुरू करवा देगा।
ओटीपी के जरिए खाते से उड़ाए पैसे
ठग ने बड़ी चतुराई से विनोद कुमार को विश्वास में लिया और उनसे उनके बैंक खातों से जुड़ी गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं। इसके बाद, आरोपी ने नेट बैंकिंग सक्रिय करने के बहाने पीड़ित के मोबाइल पर लगातार कई ओटीपी (OTP) भेजे। पीड़ित ने आरोपी की बातों पर भरोसा करते हुए उसे ओटीपी बता दिए, जिसे जालसाज ने तुरंत इस्तेमाल कर लिया।
ओटीपी साझा करने के कुछ ही समय बाद, पीड़ित के मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने के संदेश आने लगे। संदेशों को देखकर विनोद कुमार को अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। देखते ही देखते उनके खाते से कुल 1 लाख 68 हजार रुपये की राशि गायब हो गई।
पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क किया और मामले की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति इस तरह के साइबर अपराध का शिकार न बने।
इस मामले की जानकारी देते हुए साइबर थाना के जांच अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। वर्तमान में पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और फोन नंबरों के जरिए आरोपी की तलाश कर रही है।
जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने किन खातों में पैसे ट्रांसफर किए हैं। जांच के नतीजों के आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ फोन पर बैंक की गोपनीय जानकारी या ओटीपी साझा करना खतरनाक हो सकता है। बैंक कभी भी ग्राहकों से फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगते हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
