जोधपुर में सड़कों पर मवेशी छोड़ने वालों की खैर नहीं, नगर निगम करेगा सख्त कानूनी कार्रवाई
शहर में मवेशियों को खुला या सड़क पर छोड़ने पर अब नगर निगम कड़ा एक्शन लेगी। वहीं अब तक नगर निगम इन मामलों में 6 लाख से ज्यादा का जुर्माना वसूल कर चुकी है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सड़कों पर मवेशी छोड़ने पर अब होगी कानूनी कार्रवाई
जोधपुर शहर में सड़कों पर बेसहारा मवेशियों को खुला छोड़ने की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। प्रशासन ने अब उन पशुपालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है जो अपने मवेशियों को सड़कों पर आवारा छोड़ देते हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार, अब पहली बार पकड़े जाने पर जुर्माना वसूला जाएगा, लेकिन यदि वही मवेशी दोबारा सड़कों पर पाए गए, तो पशुपालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने स्पष्ट किया है कि बार-बार की चेतावनियों के बावजूद पशुपालक अपनी आदतों में सुधार नहीं ला रहे हैं। इसी के चलते अब निगम प्रशासन ने नीति में बदलाव किया है। दूसरी बार मवेशी पकड़े जाने पर उन्हें पशुपालकों को वापस नहीं सौंपा जाएगा और संबंधित व्यक्ति पर कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
जुलाई माह में 700 से अधिक मवेशी पकड़े गए
नगर निगम द्वारा संचालित विशेष 'काऊ कैचिंग' अभियान के तहत जुलाई महीने में बड़ी कार्रवाई की गई है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में निगम की टीम ने 776 बेसहारा मवेशियों को सड़कों से पकड़ा है। इस दौरान 185 पशुपालकों की पहचान कर उनसे जुर्माना राशि वसूल की गई है। निगम ने अब तक कुल 6 लाख 27 हजार 270 रुपये का जुर्माना वसूलने में सफलता प्राप्त की है।
यह अभियान शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। निगम की विशेष टीमें लगातार उन इलाकों में गश्त कर रही हैं जहां मवेशियों के जमावड़े की शिकायतें अधिक प्राप्त होती हैं। प्रशासन का मानना है कि जुर्माने की राशि और कानूनी कार्रवाई के डर से पशुपालक भविष्य में अपने मवेशियों को घर में ही रखने के लिए मजबूर होंगे।
पॉलीथिन के खिलाफ भी निगम का अभियान जारी
मवेशियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नगर निगम ने प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग को रोकने के लिए भी एक बड़ा अभियान शुरू किया है। शहर के विभिन्न बाजारों में की गई छापेमारी के दौरान निगम की टीमों ने 624 किलो प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्त की है। इस कार्रवाई के तहत दुकानदारों और व्यापारियों से 1 लाख 85 हजार 300 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए घातक है और मवेशियों द्वारा इसे खाने से उनकी जान को भी खतरा होता है। निगम ने व्यापारियों से अपील की है कि वे पॉलीथिन का उपयोग पूरी तरह बंद कर दें और इसके स्थान पर कपड़े, जूट या कागज के थैलों का उपयोग करें। आने वाले दिनों में इस अभियान को और अधिक तेज किया जाएगा।
प्रशासन की भविष्य की रणनीति
नगर निगम की यह दोहरी कार्रवाई शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा और प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में निगम उन पशुपालकों की सूची भी तैयार करेगा जो बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
शहरवासियों ने निगम की इस पहल का स्वागत किया है, क्योंकि सड़कों पर मवेशियों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी मवेशियों का झुंड या प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग होता दिखे, तो वे तुरंत निगम के नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!