जोधपुर: जोजरी नदी में जहर घोलने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 5 आरोपी हिरासत में
जोधपुर की जोजरी नदी में औद्योगिक कचरा और केमिकल बहाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद जागी प्रशासन की नींद
जोधपुर की जोजरी नदी में लगातार बढ़ रहे औद्योगिक प्रदूषण ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। लंबे समय से नदी में केमिकल युक्त प्रदूषित पानी छोड़े जाने को लेकर स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों द्वारा चिंता जताई जा रही थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को फटकार लगाई थी, जिसके बाद अब पुलिस और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इस टीम ने नदी के जल स्रोतों और आसपास की औद्योगिक इकाइयों की जांच की, जिसके बाद प्रदूषण फैलाने के पुख्ता सबूत सामने आए। इसी जांच के आधार पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 5 लोग हिरासत में
रविवार को डीसीपी वेस्ट कमल शेखावत के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने छापेमारी की। इस दौरान जोजरी नदी में अवैध रूप से प्रदूषित पानी प्रवाहित करने के आरोप में 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस प्रदूषण के पीछे और कौन-कौन से लोग या औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। जो भी व्यक्ति या संस्थान पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते हुए नदी के पानी को जहरीला बना रहा है, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हिरासत में लिए गए लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की धरपकड़ की योजना बनाई जा रही है।
18 लोगों के खिलाफ दर्ज है मामला
इस मामले की जड़ें काफी गहरी हैं। इससे पहले हाई पावर्ड कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर विवेक विहार थाने में कुल 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इन सभी पर औद्योगिक कचरे को बिना शोधन किए सीधे नदी में बहाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस अब इन सभी नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है।
नदी में बहाए जा रहे केमिकल के कारण न केवल जल प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भूजल भी दूषित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे इस प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा हो रही हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
आगे की राह और प्रशासन की चुनौती
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती औद्योगिक इकाइयों पर लगाम लगाने की है। जोजरी नदी के किनारे स्थित कई कारखाने बिना किसी ट्रीटमेंट प्लांट के अपना कचरा नदी में बहा देते हैं। एसआईटी की जांच रिपोर्ट में इन खामियों को उजागर किया गया है। आने वाले दिनों में उन सभी इकाइयों को चिन्हित किया जाएगा जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि जोजरी नदी के संरक्षण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में नदी के किनारों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त निगरानी रखी जाएगी। फिलहाल, हिरासत में लिए गए 5 आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
