जींद: गन कल्चर और नशे के खिलाफ 9 अगस्त को महापंचायत, 25 खापों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
Jind Kandela Khap Mahapanchayat against gun culture, drugs, and biogas plant issues. जींद जिले में गन कल्चर, नशा और अश्लीलता के खिलाफ खापों ने मोर्चा खोल दिया है। 9 अगस्त को गांव कंडेला के ऐतिहासिक चबूतरे पर एक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें इन सामाजिक बुराइयों और रिहायशी क्षेत्र में बने बायो गैस प्लांट के मुद्दे पर आवाज उठाई जाएगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लामबंद हुईं खापें
हरियाणा के जींद जिले में सामाजिक कुरीतियों और बढ़ते अपराध के खिलाफ खाप पंचायतों ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिले में गन कल्चर, नशीले पदार्थों के बढ़ते चलन और अश्लीलता के प्रसार को रोकने के लिए आगामी 9 अगस्त को कंडेला गांव के ऐतिहासिक चबूतरे पर एक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में जींद जिले की 25 प्रमुख खापों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
महापंचायत की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को जींद की जाट धर्मशाला में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला ने स्पष्ट किया कि समाज में फैल रही इन बुराइयों के प्रति सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोकने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए यह महापंचायत निर्णायक कदम उठाएगी।
बायो गैस प्लांट का मुद्दा भी रहेगा केंद्र में
इस महापंचायत में केवल सामाजिक बुराइयों पर ही चर्चा नहीं होगी, बल्कि जींद के गोहाना रोड स्थित रिहायशी इलाके में स्थापित बायो गैस प्लांट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। स्थानीय निवासियों के लिए यह प्लांट एक बड़ी समस्या बना हुआ है, जिस पर खाप प्रतिनिधि सरकार से ठोस समाधान की मांग करेंगे।
ओमप्रकाश कंडेला ने कहा कि सोशल मीडिया पर गानों के जरिए गन कल्चर का महिमामंडन किया जा रहा है, जो नई पीढ़ी को अपराध की ओर धकेल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब समाज के सामने स्पष्ट खतरा मौजूद है, तो प्रशासन इस पर लगाम लगाने में विफल क्यों है। महापंचायत में इन सभी विषयों पर गहन चिंतन के बाद एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
गांव-गांव तक पहुंचेगा संदेश
खाप नेताओं ने बताया कि महम में हुई पूर्ववर्ती पंचायत के बाद से ही सामाजिक सुधारों की दिशा में काम शुरू हो गया था। कंडेला खाप की यह मुहिम उसी कड़ी का हिस्सा है। महापंचायत में जो भी निर्णय लिए जाएंगे, उन्हें केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि गांव-गांव जाकर उन्हें धरातल पर लागू करने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
कानूनी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एडवोकेट रणधीर सिंह रेढू ने कहा कि कंडेला खाप की यह पहल समाज को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि महापंचायत में लिए जाने वाले फैसले न केवल सामाजिक बुराइयों को कम करेंगे, बल्कि प्रशासन को भी इन समस्याओं के समाधान के लिए मजबूर करेंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान खाप के संरक्षक ईश्वर लोहचब, रघुवीर भारद्वाज, जगत सिंह रेढू, राज सिंह रेढू सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में समाज सुधार के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।
आगामी 9 अगस्त की महापंचायत पर पूरे जिले की नजरें टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि खाप पंचायतें इन गंभीर मुद्दों पर सरकार को किस प्रकार का अल्टीमेटम देती हैं और प्रशासन इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
