जमुई हत्याकांड: दोस्त की हत्या के मामले में चार दोषियों को उम्रकैद, अदालत ने सुनाया फैसला
Jamui crime news update on life imprisonment verdict for four convicts. जमुई के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मोहम्मद शादाब आलम उर्फ गुड्डू की हत्या के मामले में चार युवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन युवकों में मोहम्मद संजर, मोहम्मद अब्दुल्लाह, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आमिर उर्फ गोरु शामिल हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जमुई की अदालत का बड़ा फैसला
बिहार के जमुई जिले में एक चर्चित हत्याकांड मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने अपना फैसला सुनाते हुए चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला मोहम्मद शादाब आलम उर्फ गुड्डू की निर्मम हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। अदालत ने दोषियों को न केवल उम्रकैद की सजा दी है, बल्कि उन पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
दोषी करार दिए गए व्यक्तियों में मोहम्मद संजर, मोहम्मद अब्दुल्लाह, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आमिर उर्फ गोरु शामिल हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषी जुर्माना राशि का भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अतिरिक्त, मोहम्मद संजर को आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के मामले में भी अलग से सजा सुनाई गई है, जो इस अपराध की गंभीरता को दर्शाता है।
दोस्त को बुलाकर की गई थी हत्या
घटना का विवरण देते हुए अभियोजन पक्ष ने बताया कि यह वारदात जमुई के आजाद नगर मोहल्ले में अंजाम दी गई थी। आरोपी और मृतक शादाब आपस में दोस्त थे। आरोप है कि 22 से 28 वर्ष की आयु के इन चारों युवकों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत शादाब को उसके घर भछियार से बाहर बुलाया था। उसे बहला-फुसलाकर आजाद नगर ले जाया गया, जहां नगर परिषद के वार्ड काउंसलर डीसू मियां के घर के समीप सुनसान सड़क पर उसे गोली मार दी गई।
मृतक के भाई मोहम्मद सरफराज आलम द्वारा दर्ज कराए गए जमुई थाना कांड संख्या 19/23 के अनुसार, घटना 8 जनवरी 2023 की शाम की है। सरफराज ने बताया कि शाम करीब 5 बजे शादाब के पास 50,000 रुपये थे, जो उसने उसे रखने के लिए दिए थे। उसी समय चारों आरोपी वहां पहुंचे और शादाब को अपने साथ ले गए। कुछ ही घंटों बाद, शाम 7 बजे के आसपास, परिवार को सूचना मिली कि शादाब की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
चुनाव से जुड़ा था मृतक का नाम
इस हत्याकांड के शिकार हुए मोहम्मद शादाब आलम की पहचान एक सक्रिय सामाजिक व्यक्ति के रूप में थी। उन्होंने वर्ष 2023 में नगर परिषद के वार्ड काउंसलर का चुनाव भी लड़ा था। उनकी हत्या के बाद इलाके में काफी आक्रोश फैल गया था। जब परिजन महिसौड़ी चौक स्थित आजाद नगर पहुंचे, तो उन्होंने शादाब का शव सड़क पर पड़ा पाया। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर इन चारों को गिरफ्तार किया।
अदालत की कार्यवाही के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के बयानों ने यह साबित कर दिया कि शादाब की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है। इस फैसले को न्याय की जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे मृतक के परिवार को कुछ हद तक राहत मिली है।
कानूनी प्रक्रिया और सजा का प्रभाव
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान अन्य अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है। जमुई पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद अदालत ने सुनवाई पूरी कर यह फैसला सुनाया। अब दोषियों को जेल भेज दिया गया है और उन्हें अपनी शेष आयु कारावास में बितानी होगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने जमुई के स्थानीय निवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं, लेकिन अदालत के इस फैसले ने कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा फिर से कायम किया है। मृतक के परिजनों ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया है, हालांकि उन्होंने अपने प्रियजन को खोने का दुख भी साझा किया। पुलिस प्रशासन ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अपनी भूमिका निभाई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
