जालौन में उधारी के पैसे मांगने पर भाजपा नेता समेत 9 लोगों पर FIR, युवक को लाठी-डंडों से पीटा
जालौन के उरई में उधारी के करीब ढाई लाख रुपये वापस मांगने को लेकर हुए विवाद में युवक और उसके साथियों के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के मामले में उरई कोतवाली पुलिस ने भाजपा जिला मीडिया प्रभारी शक्ति गहोई समेत पांच नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 191(2), 191(3), 351(3) और 352 के तहत कार्रवाई क

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उधारी के विवाद ने लिया हिंसक रूप
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक युवक और उसके साथियों के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी शक्ति गहोई का नाम मुख्य रूप से सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने शक्ति गहोई समेत पांच नामजद और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, यह विवाद करीब ढाई लाख रुपये की उधारी से जुड़ा है। पीड़ित रूपेंद्र सिंह परिहार ने आरोप लगाया है कि उसने एक साल पहले सचिन दीक्षित के माध्यम से मुस्कान दुबे को यह राशि दी थी। जब उसने पैसे वापस मांगे, तो उसे टालमटोल किया जाने लगा। घटना के दिन, 3 अगस्त की रात को उसे बातचीत के बहाने मच्छर चौराहा स्थित एक मकान के पास बुलाया गया था।
हमले और धमकी का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि जैसे ही वह अपने साथियों गगन राजपूत और शिवम सेंगर के साथ वहां पहुंचा, शक्ति गहोई और उनके सहयोगियों ने उन पर हमला कर दिया। लाठी, हॉकी और घूंसों से की गई इस पिटाई में पीड़ित और उसके साथी घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने खुद को भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हुए पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इस मामले में उरई कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जैसे 115(2), 191(2), 191(3), 351(3) और 352 के तहत केस दर्ज किया है। इन धाराओं में मारपीट, दंगा करने, चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
अस्पताल में भी हुआ हंगामा
मारपीट के बाद जब पीड़ित पक्ष मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल पहुंचा, तो वहां भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि आरोपी पक्ष ने अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचकर चिकित्सकों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता की। मेडिकल रजिस्टर फाड़ने और जबरन रेफर कराने के दबाव बनाने के आरोप भी लगे हैं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
अस्पताल के बाद कोतवाली में भी पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता किए जाने की सूचना मिली थी। इन सभी घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अब साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई की तैयारी
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीड़ित ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पुलिस टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
