जयपुर: सर्विस सेंटर की लापरवाही पर उपभोक्ता आयोग सख्त, बाइक खराब होने पर लगाया 54 हजार का जुर्माना
रॉयल एनफील्ड बाइक की सर्विस के बाद इंजन में आई खराबी के मामले में जयपुर की उपभोक्ता अदालत ने उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाया है। जिला उपभोक्ता आयोग ने विपक्षी कंपनी आयशर मोटर्स और उसके अधिकृत सर्विस सेंटर केनिथ मोटर्स को उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी मानते हुए कुल 54,130 रुपए अदा करने के आदेश दिए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सर्विस के बाद इंजन में आई थी गंभीर खराबी
जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में रॉयल एनफील्ड बाइक की सर्विस में लापरवाही बरतने वाले अधिकृत सर्विस सेंटर पर जुर्माना लगाया है। मामला तब सामने आया जब एक उपभोक्ता ने अपनी बाइक की सर्विस कराने के बाद उसमें आई तकनीकी खराबी को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने कंपनी और सर्विस सेंटर को सेवा में कमी का दोषी पाते हुए उपभोक्ता को हर्जाना देने का आदेश दिया है।
परिवादी अभिषेक शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने 9 मई 2023 को जयपुर स्थित केनिथ मोटर्स नामक अधिकृत सर्विस सेंटर पर अपनी बाइक की सर्विस करवाई थी। सर्विस के बाद जब वे बाइक लेकर मनाली की यात्रा पर निकले, तो करीब 700 किलोमीटर चलने के बाद इंजन से अजीब आवाजें आने लगीं और बाइक अचानक बंद हो गई। इस स्थिति ने उपभोक्ता को बीच रास्ते में बड़ी मुश्किल में डाल दिया।
गलत तरीके से लगा था ऑयल फिल्टर
बाइक खराब होने के बाद उपभोक्ता ने कुल्लू स्थित कंपनी के एक अन्य अधिकृत सर्विस सेंटर पर इसकी जांच करवाई। वहां के तकनीशियनों ने जो रिपोर्ट दी, उसने सर्विस सेंटर की लापरवाही की पोल खोल दी। जांच में स्पष्ट हुआ कि जयपुर में सर्विस के दौरान बाइक का ऑयल फिल्टर गलत तरीके से फिट किया गया था। इस तकनीकी चूक के कारण इंजन के पिस्टन और बैरल सहित कई महत्वपूर्ण हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंचा था।
उपभोक्ता ने अपनी शिकायत में तर्क दिया कि सर्विस सेंटर की इस लापरवाही के कारण न केवल उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, बल्कि मानसिक परेशानी और यात्रा के दौरान भारी असुविधा का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने आयोग से बाइक की मरम्मत के खर्च और हर्जाने की मांग की थी, हालांकि उन्होंने नई बाइक की भी मांग रखी थी जिसे आयोग ने स्वीकार नहीं किया।
आयोग ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। परिवादी के अधिवक्ता अब्दुल हनीफ ने साक्ष्यों के साथ यह साबित किया कि इंजन में खराबी सर्विस सेंटर की गलत कार्यप्रणाली का सीधा परिणाम थी। आयोग ने सेवा में कमी के आरोपों को सही मानते हुए विपक्षी कंपनी आयशर मोटर्स और सर्विस सेंटर केनिथ मोटर्स को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराया।
उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कंपनी और सर्विस सेंटर को कुल 54,130 रुपए की राशि परिवादी को अदा करनी होगी। यह राशि बाइक की मरम्मत में हुए खर्च, मानसिक पीड़ा और कानूनी कार्यवाही के दौरान हुए खर्च की भरपाई के रूप में दी जाएगी। इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
उपभोक्ता अधिकारों के लिए बड़ी जीत
यह मामला उन वाहन मालिकों के लिए एक सबक है जो अधिकृत सर्विस सेंटरों पर भरोसा करके अपनी गाड़ियां सर्विस के लिए देते हैं। अक्सर सर्विस के दौरान की गई छोटी सी तकनीकी चूक बड़े हादसे या इंजन के पूरी तरह खराब होने का कारण बन सकती है। उपभोक्ता आयोग का यह निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि यदि सर्विस सेंटर अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहते हैं, तो उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
वर्तमान में, वाहन कंपनियां और उनके अधिकृत सर्विस सेंटर अक्सर तकनीकी खामियों के लिए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हैं। जयपुर उपभोक्ता आयोग का यह आदेश स्पष्ट करता है कि सेवा में कमी होने पर उपभोक्ता को हर्जाना पाने का पूरा अधिकार है। इस फैसले के बाद अब संबंधित कंपनियों को अपनी सर्विस क्वालिटी और तकनीशियनों के काम की निगरानी और अधिक सतर्कता से करने की आवश्यकता होगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!