इंदौर मास्टर प्लान रोड: 15 अगस्त तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य, महापौर ने दिए सख्त निर्देश
Indore Mayor Pushyamitra Bhargav inspects master plan road construction, orders quality maintenance and timeline adherence. किला मैदान तिराहे से जिंसी होते हुए नेमीनाथ चौराहे तक मास्टर प्लान की रोड बनाई जा रही है। महापौर ने अधिकारियों को काम की क्वालिटी को लेकर चेताया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

निर्माण कार्य की समीक्षा और महापौर का दौरा
इंदौर शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में चल रहे मास्टर प्लान रोड के निर्माण कार्य का जायजा लेने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने हाल ही में दौरा किया। किला मैदान तिराहे से जिंसी होते हुए नेमीनाथ चौराहे तक बन रही यह सड़क शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। इस निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ नगर निगम के जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर और संबंधित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
महापौर ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर काम की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मार्ग शहर के यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो और इसे निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरा किया जाए।
15 अगस्त तक एक लेन शुरू करने की समय सीमा
निरीक्षण के दौरान महापौर ने विशेष रूप से लक्ष्मीबाई प्रतिमा तिराहा से जिंसी चौराहे तक के हिस्से पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस खंड की कम से कम एक लेन का काम 15 अगस्त तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। समय सीमा के भीतर काम पूरा होने से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्थानीय निवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिल सकेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी।
महापौर ने स्थानीय रहवासियों से भी बातचीत की और चल रहे निर्माण कार्य के बारे में उनका फीडबैक लिया। निवासियों ने कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बुनियादी सुविधाओं का एकीकरण और समन्वय
सड़क निर्माण के साथ-साथ महापौर ने अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं का भी रिव्यू किया। इसमें स्टॉम वॉटर ड्रेनेज लाइन, पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन और सीवरेज लाइन के कार्य शामिल हैं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करें ताकि सड़क बनने के बाद उसे दोबारा न खोदना पड़े।
विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की कमी अक्सर विकास कार्यों में देरी का कारण बनती है, जिसे देखते हुए महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी प्रगति और शेष बचे कार्यों की समय-समय पर समीक्षा की जाए। उन्होंने जोर दिया कि सभी संबंधित विभाग एक साथ मिलकर काम करें ताकि मास्टर प्लान के तहत निर्धारित समय सीमा में परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।
शहर के यातायात पर प्रभाव
किला मैदान से नेमीनाथ चौराहे तक की यह सड़क पूरी होने के बाद इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र के यातायात में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। वर्तमान में इस क्षेत्र में वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। मास्टर प्लान की इस सड़क के तैयार होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
नगर निगम प्रशासन अब इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने में जुटा है। महापौर की सक्रिय निगरानी और सख्त निर्देशों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि निर्माण कार्य में तेजी आएगी और तय समय सीमा के भीतर शहरवासियों को एक आधुनिक और सुगम मार्ग की सौगात मिलेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
