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इंदौर: वकील को दक्षिण भारत यात्रा का सपना दिखाकर 1.40 लाख की ठगी, फर्जी ट्रैवल पैकेज का शिकार

एमजी रोड पुलिस ने राकेश लाड नाम के वकील की शिकायत पर एफआईआर की है। 24 जुलाई को राजेश ने सायबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

27 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
इंदौर: वकील को दक्षिण भारत यात्रा का सपना दिखाकर 1.40 लाख की ठगी, फर्जी ट्रैवल पैकेज का शिकार
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अखबार में विज्ञापन देखकर शुरू हुआ ठगी का सिलसिला

इंदौर में ऑनलाइन ट्रैवल पैकेज के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एमजी रोड थाना क्षेत्र में रहने वाले एक वकील राकेश लाड को दक्षिण भारत की धार्मिक यात्रा का झांसा देकर 1.40 लाख रुपये की चपत लगाई गई है। पीड़ित को यह ठगी तब महसूस हुई जब पैसे देने के बाद भी उन्हें न तो यात्रा टिकट मिले और न ही उनकी रकम वापस की गई।

घटना की शुरुआत करीब 15 दिन पहले हुई, जब वकील के घर आने वाले अखबार में 'स्वास्तिक टूर' के नाम से एक पम्पलेट मिला। इस पम्पलेट में यात्रा पैकेज के लुभावने ऑफर दिए गए थे। विज्ञापन में दिए गए संपर्क नंबर पर जब राकेश लाड ने कॉल किया, तो उनकी बातचीत प्रवीण घोडके नामक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए उन्हें दक्षिण भारत की यात्रा का एक विस्तृत प्लान भेजा।

धार्मिक यात्रा के नाम पर वसूले एडवांस पैसे

पीड़ित वकील ने वाराणसी, अयोध्या और रामेश्वरम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए विशेष प्लान की मांग की थी। आरोपी ने चार लोगों के लिए 2.34 लाख रुपये का पैकेज तैयार किया और कुल राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा एडवांस के तौर पर जमा करने का दबाव बनाया। विश्वास में आकर वकील ने आरोपी द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड के माध्यम से दो किश्तों में कुल 1.40 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

पैसे ट्रांसफर करने के बाद आरोपियों ने 24 घंटे के भीतर यात्रा टिकट उपलब्ध कराने का वादा किया था। हालांकि, समय बीतने के बाद भी जब टिकट नहीं मिले, तो पीड़ित ने उनसे संपर्क किया। आरोपी हर बार नए बहाने बनाकर तारीखें टालते रहे। जब वकील ने अपनी रकम वापस मांगी, तो ठगों ने एक और चाल चली और उनके खाते में केवल एक रुपया भेजकर यह भरोसा दिलाया कि बाकी रकम आरटीजीएस के जरिए जल्द ही भेज दी जाएगी।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

लंबे समय तक टालमटोल और धोखाधड़ी का अहसास होने पर राकेश लाड ने 24 जुलाई को साइबर हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। वहां से संतोषजनक प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने 26 जुलाई को एमजी रोड थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और अब आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में आरोपी अक्सर फर्जी पम्पलेट और सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं। फिलहाल, पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जिनमें पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर किए थे। साथ ही, उस मोबाइल नंबर की लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा रही है, जिसका उपयोग आरोपी ने संपर्क करने के लिए किया था।

सावधानी ही बचाव का एकमात्र रास्ता

इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन ट्रैवल बुकिंग को लेकर लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अनजान ट्रैवल एजेंसी को पैसे देने से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन नंबर और कार्यालय की भौतिक उपस्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए। पम्पलेट या सोशल मीडिया विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा करना अक्सर भारी पड़ सकता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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