इंडिगो विमान के कार्गो में धुआं दिखने से हड़कंप, लखनऊ में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट को मंगलवार को लखनऊ डायवर्ट किया गया। प्लेन के कार्गो सेक्शन में धुआं दिखाई देने के बाद अलर्ट जारी किया गया था।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

अगरतला से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट को मंगलवार को तकनीकी कारणों से लखनऊ की ओर मोड़ना पड़ा। विमान के कार्गो सेक्शन में धुआं दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद पायलट ने एहतियाती कदम उठाते हुए विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारने का निर्णय लिया। इस दौरान विमान में कुल 109 यात्री सवार थे, जिनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया था।
पायलट की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
उड़ान के दौरान पायलट को कार्गो होल्ड में धुआं होने का संदेह हुआ। विमानन सुरक्षा मानकों के अनुसार, किसी भी प्रकार की संदिग्ध स्थिति में पायलट को तुरंत नजदीकी हवाई अड्डे पर उतरने का निर्देश होता है। इसी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पायलट ने लखनऊ एटीसी से संपर्क किया और आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मांगी। पायलट की इस त्वरित कार्रवाई ने संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित करने में मदद की।
लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान के उतरने से पहले ही पूर्ण आपातकाल की घोषणा कर दी गई थी। शाम 6:29 बजे एयरपोर्ट प्रशासन ने इमरजेंसी घोषित की, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां और मेडिकल टीम रनवे पर तैनात कर दी गई थीं। इंडिगो का विमान शाम 6:31 बजे सुरक्षित रूप से रनवे पर उतरा और 6:33 बजे लैंडिंग बे तक पहुंच गया।
जांच में गलत निकली आग की आशंका
विमान के सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को शाम 6:35 बजे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद तकनीकी टीम ने विमान के कार्गो सेक्शन की गहन जांच की। जांच के दौरान यह पाया गया कि कार्गो में आग लगने की आशंका गलत थी और धुआं दिखाई देने का कारण तकनीकी खराबी या सेंसर की त्रुटि हो सकती है। शाम 6:39 बजे तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई और घोषित आपातकाल को वापस ले लिया गया।
इस घटना के कारण यात्रियों को कुछ समय के लिए असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। विमानन कंपनी ने इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार्गो सेक्शन में धुआं किस वजह से महसूस हुआ था।
सुरक्षा मानकों का पालन
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं में पायलट का निर्णय सर्वोपरि होता है। धुआं दिखने पर किसी भी प्रकार का जोखिम न लेते हुए विमान को डायवर्ट करना एक मानक सुरक्षा प्रक्रिया है। लखनऊ एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा और बचाव दल ने भी तत्परता दिखाते हुए स्थिति को कुशलतापूर्वक संभाला, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि या विमान को नुकसान होने की संभावना को पूरी तरह खत्म कर दिया गया।
इंडिगो की ओर से जारी बयान में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। फिलहाल विमान की तकनीकी जांच की जा रही है और सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही इसे दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के महत्व को रेखांकित किया है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!