गया में अवैध जीवन रक्षक दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार
एडिशनल ड्रग कंट्रोलर के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में कथित अवैध और बिना वैध कागजात की जीवन रक्षक दवाएं जब्त की गई हैं। पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त सतर्कता से इलाके में हड़कंप मच गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के गया जिले में औषधि विभाग और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त छापेमारी के दौरान अवैध जीवन रक्षक दवाओं का भारी जखीरा बरामद किया है। यह कार्रवाई बुनियादगंज थाना क्षेत्र के खंजाहापुर गांव में अंजाम दी गई। छापेमारी का नेतृत्व एडिशनल ड्रग कंट्रोलर द्वारा किया गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
छापेमारी में एक आरोपी गिरफ्तार
इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने अवैध दवा कारोबार में संलिप्त एक व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कलाली रोड निवासी सुमित कुमार के रूप में हुई है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गिरोह के मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जा सके। जब्त की गई दवाओं को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है।
सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. सचिदानंद ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई थी। मौके से क्लवेम, मोविन और सिलिकॉन जैसी कई ब्रांडेड जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक मिला है। विभाग ने इन दवाओं के नमूने एकत्र कर लिए हैं और उन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
मध्य प्रदेश सीबीएन की कार्रवाई से जुड़े तार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के नीमच स्थित सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। बीते 22 जुलाई को सीबीएन की टीम ने खंजाहापुर में एक मकान में छापेमारी कर भारी मात्रा में संदेहास्पद दवाएं जब्त की थीं, जिसके बाद उस स्थान को सील कर दिया गया था। इसी कड़ी में आगे की जांच के दौरान औषधि विभाग को नए ठिकानों और इस अवैध कारोबार के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
इसके अलावा, हाल ही में कोतवाली थाना क्षेत्र के मुरारपुर में भी एनसीबी द्वारा कार्रवाई की गई थी, जिसमें बड़ी मात्रा में दवाइयां बरामद हुई थीं। गया में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि शहर में दवाओं का एक बड़ा अवैध नेटवर्क सक्रिय है, जिसे तोड़ने के लिए एजेंसियां अब पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
औषधि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में दवाएं नकली या घटिया पाई जाती हैं, तो आरोपी और उसके सहयोगियों पर कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस अवैध धंधे में केवल गिरफ्तार आरोपी ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस और औषधि विभाग की टीमें अब इस पूरे रैकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह के अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
