हिसार: साइबर ठगी का शिकार हुए रिटायर्ड इंजीनियर, पुलिस की तत्परता से खाते में वापस लौटे 3.24 लाख रुपये
Hisar cyber crime police recovers money online fraud case victim retired engineer latest update. हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता (XEN) अनिल कुमार अग्रवाल के साथ हुई ₹3.5 लाख की ऑनलाइन ठगी के मामले में हिसार साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के महज 4 दिनों के भीतर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ठगे गए ₹3,49,800 में से ₹3,24,800 की राशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करवा दी है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief

टीवी देखते समय खाते से गायब हुए पैसे
हरियाणा के हिसार में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता (XEN) के बैंक खाते से शातिरों ने 3.5 लाख रुपये उड़ा लिए। पीड़ित अनिल कुमार अग्रवाल, जो सेक्टर 16-17 के निवासी हैं, अपने घर पर टीवी देख रहे थे, तभी उनके मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे। जब उन्होंने बैंक जाकर पासबुक की जांच कराई, तो पता चला कि उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 3,49,800 रुपये निकाल लिए गए हैं।
घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 3 अगस्त 2026 को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मिली बड़ी राहत
मामले की जांच कर रहे उप-निरीक्षक जितेंद्र सिंह और उनकी साइबर टीम ने मामले को दर्ज करने के बाद बिना समय गंवाए तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से संबंधित बैंकों, पेमेंट गेटवे और वित्तीय संस्थानों से संपर्क साधा। इस सक्रियता का परिणाम यह रहा कि ठगों द्वारा विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई राशि को ब्लॉक करने में सफलता मिली।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का असर यह हुआ कि एफआईआर दर्ज होने के महज चार दिनों के भीतर ही 3,24,800 रुपये की राशि पीड़ित के खाते में वापस क्रेडिट कर दी गई। इतनी बड़ी रकम की रिकवरी को साइबर पुलिस की एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।
साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की अपील
हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस साइबर अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि पीड़ित तुरंत सूचना दे, तो ठगी गई राशि को वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
एसपी ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, नजदीकी साइबर थाने में भी संपर्क किया जा सकता है ताकि समय रहते संदिग्ध ट्रांजेक्शन को होल्ड कराया जा सके और आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
वर्तमान में साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने बैंक विवरण, ओटीपी या किसी भी संदिग्ध लिंक को किसी के साथ साझा न करें। हिसार पुलिस अब इस मामले में शामिल आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए आगे की तकनीकी जांच जारी रखे हुए है।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
