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हिसार भाजपा में बगावत का मामला: जिला प्रभारी आज प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगे रिपोर्ट

Hissar BJP organizational crisis update and mandal adhyaksh protest against district president. हिसार BJP में चल रही उठापठक पर प्रदेश हाईकमान सतर्क हो गया है। पार्टी ने जिला प्रभारी जवाहर सैनी को मामले को शांत करने के लिए हिसार भेजा था।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें 924
हिसार भाजपा में बगावत का मामला: जिला प्रभारी आज प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगे रिपोर्ट
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हिसार भाजपा में आंतरिक कलह पर प्रदेश हाईकमान की नजर

हिसार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर चल रही संगठनात्मक उठापठक ने प्रदेश नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी के मंडल अध्यक्षों द्वारा सामूहिक इस्तीफे की खबरों के बाद राज्य इकाई ने मामले को गंभीरता से लिया है। स्थिति को नियंत्रित करने और नाराजगी को दूर करने के लिए पार्टी ने जिला प्रभारी जवाहर सैनी को विशेष रूप से हिसार भेजा था। उन्होंने बंद कमरे में मंडल अध्यक्षों से विस्तृत चर्चा की और उनकी शिकायतों को दर्ज किया।

मंडल अध्यक्षों ने जिला प्रभारी के सामने अपनी बात रखते हुए जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अध्यक्षों का आरोप है कि जिलाध्यक्ष का कार्यकर्ताओं के साथ संवाद का अभाव है और वे केवल चुनिंदा लोगों के साथ ही घिरी रहती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नेतृत्व में बदलाव नहीं किया गया, तो आगामी समय में पार्टी की स्थिति और अधिक कमजोर हो सकती है।

बगावत को थामने के लिए पर्दे के पीछे सक्रिय रहे दिग्गज नेता

मंडल अध्यक्षों की बगावत को थामने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। सूत्रों के अनुसार, विधायक रणधीर पनिहार ने जिलाध्यक्ष और नाराज अध्यक्षों के बीच मध्यस्थता की। इस दौरान एक समझौते की चर्चा भी है, जिसमें संगठन में कुछ नए चेहरों को जगह देने का आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने भी प्रदेश महामंत्री वेद फुल्ला को जिम्मेदारी सौंपी, जिन्होंने नाराज अध्यक्षों से फोन पर संपर्क कर उन्हें धैर्य रखने और पार्टी अनुशासन का पालन करने का आग्रह किया।

हालांकि, पार्टी के आधिकारिक मंचों से इन इस्तीफों को सिरे से खारिज किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि इस्तीफे वाला पत्र फर्जी है और इसकी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में कोई बगावत नहीं है और सभी कार्यकर्ता एक परिवार की तरह एकजुट हैं।

तीन स्तरीय वार्ता और भविष्य की रणनीति

मामले को सुलझाने के लिए तीन चरणों में बातचीत की गई। पहले जिला प्रभारी ने व्यक्तिगत रूप से अध्यक्षों से बात की, उसके बाद जिलाध्यक्ष ने संवाद स्थापित किया और अंत में एक सामूहिक बैठक बुलाई गई। इस बैठक में जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता और जिला महामंत्री शामिल हुए। बैठक के बाद सभी ने साथ बैठकर जलपान किया और एकजुटता का संदेश देने के लिए तस्वीरें भी खिंचवाईं।

गौरतलब है कि जिले के 14 मंडलों में से 11 अध्यक्षों ने कथित तौर पर इस्तीफा दिया था। बैठक के दौरान 14 में से 10 अध्यक्ष ही उपस्थित हो पाए, जबकि तीन अध्यक्ष बैठक से दूर रहे। जिला प्रभारी जवाहर सैनी अब इन सभी घटनाक्रमों और मंडल अध्यक्षों की शिकायतों को संकलित कर अपनी रिपोर्ट आज प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता को सौंपेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर ही भविष्य की कार्रवाई तय की जाएगी।

प्रभारी ने नाराज अध्यक्षों को आश्वस्त किया है कि प्रदेश नेतृत्व संगठन की मजबूती के लिए उचित निर्णय लेगा। तब तक के लिए सभी को पार्टी लाइन के भीतर रहकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनता के बीच पार्टी की छवि पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। अब सभी की निगाहें प्रदेश नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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