किशनगढ़बास में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, दुकानों में भरा पानी
तेज बारिश के चलते किशनगढ़बास शहर के बाजार, मुख्य सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी से लबालब हो गए। बाजारों में जलभराव के कारण दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

किशनगढ़बास में 74 एमएम बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल
राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में शनिवार की शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। किशनगढ़बास क्षेत्र में सबसे अधिक 74 एमएम बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण शहर के मुख्य बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों और निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज बारिश के चलते सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर इतना तीव्र था कि शहर के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी घुस गया। दुकानदारों को अपनी दुकानों में रखा सामान बचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मुख्य मार्गों पर घुटनों तक पानी जमा होने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे वाहन चालकों को भी भारी परेशानी हुई।
सफाई व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। कई स्थानों पर नालों की गंदगी और कीचड़ बारिश के पानी के साथ सड़कों पर बहते हुए नजर आए। जल निकासी के उचित प्रबंध न होने के कारण बारिश थमने के काफी देर बाद तक सड़कों पर पानी जमा रहा। सड़कों पर फैली गंदगी और कचरे ने नगर पालिका के सफाई दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन की ओर से जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। नालियों की सफाई समय पर न होने के कारण पानी सड़कों पर जमा हो जाता है, जिससे आमजन को हर बार परेशानी झेलनी पड़ती है।
जिले में बारिश का आंकड़ा और किसानों को राहत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को खैरथल-तिजारा जिले में औसत 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। किशनगढ़बास के अलावा कोटकासिम में 66 एमएम, खैरथल में 46 एमएम, हरसौली में 29 एमएम, मुंडावर में 25 एमएम, तिजारा में 20 एमएम और टपूकड़ा में 8 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
शहरों में जलभराव की समस्या के बीच, ग्रामीण इलाकों के किसानों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में पानी पहुंचने से खरीफ की फसलों को काफी राहत मिली है। किसानों का मानना है कि यह बारिश फसलों की पैदावार के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।
प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की आवश्यकता
एक ओर जहां बारिश ने कृषि क्षेत्र में उम्मीदें जगाई हैं, वहीं शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। आने वाले दिनों में यदि बारिश का दौर जारी रहता है, तो जल निकासी की वर्तमान व्यवस्था और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल सफाई अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!