उत्तर भारत में भारी बारिश का कहर: सहारनपुर में कब्रिस्तान की मिट्टी ढही, उत्तराखंड-हिमाचल में सैकड़ों सड़कें बंद
Heavy rain in UP, Uttarakhand, Himachal Pradesh. Roads closed, landslides reported. यूपी के बिजनौर में मालन नदी के तेज बहाव में शुक्रवार शाम करीब 4 बजे 2 हादसों में चार लड़के बह गए। सहारनपुर में भारी बारिश की वजह से कब्रिस्तान की मिट्टी बह गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर भारत में मानसून की मार: नदियां उफान पर, जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून की सक्रियता ने भारी तबाही मचाई है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के चलते सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बारिश का असर बेहद भयावह देखने को मिला। भारी जलभराव के कारण एक कब्रिस्तान की मिट्टी बह गई, जिससे वहां दफन शव बाहर आ गए। वहीं, बिजनौर में मालन नदी के तेज बहाव में शुक्रवार शाम को दो अलग-अलग हादसों में चार युवक बह गए। नोएडा में भी बारिश के पानी से भरे नाले में गिरने से एक व्यक्ति की मौत की सूचना है।
पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड से यातायात ठप
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण राज्य भर में 118 सड़कें बंद कर दी गई हैं। यमुनोत्री नेशनल हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि गंगोत्री हाईवे पर चट्टानें गिरने से आवाजाही बाधित है। हरिद्वार में नदी में डूबने से एक किशोर की मौत हो गई और नैनीताल में पेड़ गिरने से दो लोग घायल हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। यहां लैंडस्लाइड के कारण 320 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं और 200 से ज्यादा बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप पड़े हैं। सोलन जिले में एक चलती कार पर पहाड़ी से बड़े पत्थर गिर गए, जिसमें एक बच्चे समेत चार लोग घायल हो गए। चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर भी भारी चट्टानें गिरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मानसून की स्थिति और मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ने इस बार 36 दिनों में पूरे देश को कवर कर लिया है। सैटेलाइट तस्वीरों से स्पष्ट है कि मध्य भारत, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून काफी सक्रिय है। हालांकि, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और पंजाब के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की कमी देखी जा रही है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में मानसून की रफ्तार में कुछ कमी आ सकती है।
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। 12 जुलाई को बिहार के 17 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जिनमें 12 जिलों के लिए ऑरेंज और 5 के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में बारिश की चेतावनी है, जिसमें 27 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। उत्तराखंड के सात जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
13 जुलाई को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
