हथिनीकुंड बैराज हादसा: 24 घंटे बाद यूपी सीमा के पास मिला एक जवान का शव, दूसरे की तलाश जारी
बैराज से करीब 12 से 15 किलोमीटर दूर मिले शव की सूचना के बाद सेना की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की। दूसरे लापता जवान की तलाश अभी जारी है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

यमुना नदी में मिला लापता सैनिक का शव
यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज पर मंगलवार शाम हुए सैन्य अभ्यास के दौरान लापता हुए दो जवानों में से एक का शव 24 घंटे से अधिक समय बाद उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बडथा गांव के पास यमुना नदी से बरामद हुआ है। बैराज से करीब 12 से 15 किलोमीटर दूर मिले इस शव की सूचना मिलते ही सेना की टीम मौके पर पहुंची और उसे कब्जे में ले लिया। फिलहाल शव की पहचान की प्रक्रिया जारी है, जबकि दूसरे लापता जवान की खोज के लिए बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया है।
हादसे के बाद से ही सेना, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की एसडीआरएफ टीमें, स्थानीय पुलिस और गोताखोर लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। बचाव दल का मुख्य ध्यान शुरुआती घंटों में पश्चिमी यमुना नहर पर था, लेकिन शव के यमुना नदी के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा तक पहुंचने की पुष्टि के बाद अब तलाशी के दायरे को व्यापक बना दिया गया है।
बदली गई चार बार सर्च ऑपरेशन की रणनीति
मंगलवार शाम करीब पांच बजे हुए इस हादसे के बाद से बचाव टीमों ने अपनी रणनीति में चार बार बदलाव किए। घटना के तुरंत बाद बैराज के गेट के पास तलाशी ली गई और दुर्घटनाग्रस्त मोटर बोट को बाहर निकाला गया। इसके बाद रात के समय एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने नहर के किनारों को खंगाला। तीसरी रणनीति के तहत भारतीय वायुसेना के दो हेलिकॉप्टरों की मदद ली गई, जिन्होंने रात में सर्च लाइटों के जरिए पानी की सतह की निगरानी की।
बुधवार को चौथी रणनीति के अंतर्गत हथिनीकुंड बैराज से दादूपुर तक के 15 किलोमीटर क्षेत्र में पानी का प्रवाह करीब 40 मिनट के लिए रोक दिया गया। जलस्तर कम होने पर सेना और एसडीआरएफ के करीब 30 जवानों ने मानव श्रृंखला बनाकर नहर के सूखे हिस्से में गहन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, उस दौरान कोई सफलता नहीं मिली, लेकिन बाद में नहर के सिल्ट वाले हिस्से से लाइफ जैकेट और डाइविंग किट बरामद हुई, जिससे यह संकेत मिला कि जवान पानी के तेज बहाव में बह गए थे।
दूसरे जवान की तलाश के लिए अलर्ट जारी
एक जवान का शव मिलने के बाद अब प्रशासन ने दूसरे लापता जवान की खोज के लिए दक्षिण यमुना नहर की ओर भी ध्यान केंद्रित किया है। करनाल तक के सभी नहर हेड और गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय सरपंचों और ग्रामीणों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नहर के किनारे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति के दिखने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। बचाव दल अब उन सभी संभावित रास्तों की जांच कर रहे हैं जहां तेज बहाव के कारण जवान पहुंच सकते हैं।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मंगलवार शाम को कलेसर के पास यमुना की अपस्ट्रीम में हुई थी। वन पैरा स्पेशल फोर्स का बाढ़ बचाव अभ्यास 30 अगस्त से चल रहा था और मंगलवार को इसका अंतिम दिन था। चिनूक हेलिकॉप्टर से पांच जवान मोटर बोट में कूदे थे, लेकिन बोट स्टार्ट न होने और डूबने के कारण सभी पांचों जवान गहरे पानी में उतर गए। इनमें से तीन जवान तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि महाराष्ट्र के आर्यन पाटिल और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय लापता हो गए थे।
रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि सेना और वायुसेना के साथ मिलकर स्थानीय प्रशासन बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चला रहा है। एक जवान का शव मिलने के बाद अब दूसरे जवान की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन के दायरे को और अधिक विस्तृत किया जा रहा है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!