हरियाणा में पेपर लीक विवाद: मंत्री कृष्ण लाल पंवार का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- हुड्डा सरकार में बैकडोर से होती थी भर्तियां
Haryana Minister Krishan Lal Panwar alleges backdoor entries during Hooda regime. हरियाणा में पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष के हमलों के बीच प्रदेश के विकास एवं पंचायत तथा खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। कांग्रेस द्वारा पेपर लीक मामले में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग पर मंत्री पंवार ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने अतीत के कार्यकाल को भी देखना चाहिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा में पेपर लीक के बढ़ते मामलों और विपक्ष के तीखे हमलों के बीच प्रदेश के विकास एवं पंचायत तथा खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया है। पानीपत में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति पूरी तरह गंभीर है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
हुड्डा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय भी पेपर लीक की घटनाएं होती थीं, लेकिन तब की सरकार कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबा देती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में योग्य युवाओं को दरकिनार कर 'बैकडोर' यानी चोर दरवाजे से चहेतों को नौकरियां बांटी जाती थीं। पंवार ने कहा कि उस दौर में नियुक्तियों का आधार योग्यता नहीं, बल्कि सिफारिशें होती थीं, जिसे पूरा प्रदेश जानता है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। यदि किसी परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक की शिकायत सामने आती है, तो सरकार बिना किसी देरी के परीक्षा रद्द कर देती है और पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा आयोजन सुनिश्चित करती है। सरकार का उद्देश्य किसी भी स्तर पर युवाओं के साथ अन्याय न होने देना है।
भर्तियों के आंकड़ों पर तुलनात्मक बयान
मंत्री ने कांग्रेस और भाजपा सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि हुड्डा सरकार के 10 वर्षों के शासनकाल में कुल 86 हजार नौकरियां दी गई थीं, जिनकी प्रक्रिया पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। इसके विपरीत, भाजपा के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में डेढ़ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने दावा किया कि ये नियुक्तियां 'बिना पर्ची और बिना खर्ची' के पूरी तरह योग्यता के आधार पर की गई हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर पंवार ने कहा कि उन्होंने परीक्षार्थियों और छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए नैतिकता के आधार पर कदम उठाया है, जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कांग्रेस द्वारा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया।
युवाओं के लिए आगामी कदम
पंचायत मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार जल्द ही ग्रुप-डी के करीब 4,500 चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य योग्य युवाओं को रोजगार देकर उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे सरकार पर आरोप लगाने से पहले अपने अतीत के कार्यकाल का आत्मनिरीक्षण करें।
पानीपत में आयोजित इस प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में भी भर्ती परीक्षाओं को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के विश्वास को टूटने नहीं देगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
