हरदोई: पुलिस की प्रताड़ना और रिश्वतखोरी से तंग आकर दो बच्चों संग टावर पर चढ़ा युवक
Hardoi Mallawan mobile tower suicide threat case police harassment latest update. हरदोई के मल्लावां में एक युवक पुलिस और रिश्तेदारों की प्रताड़ना से तंग आकर अपने दो मासूम बच्चों के साथ 120 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। करीब सवा दो घंटे बाद सीओ के आश्वासन पर युवक बच्चों समेत शनिवार की दोपहर करीब 2 बजे नीचे उतरा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र में शनिवार को एक बेहद तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। यहां पुलिस की कथित प्रताड़ना और रिश्वत की मांग से परेशान एक व्यक्ति अपने दो मासूम बच्चों को लेकर 120 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग टावर के नीचे जमा हो गए।
क्या है पूरा मामला और विवाद की जड़
पीड़ित बबलू (36) पिछले तीन वर्षों से अपने कैंसर पीड़ित ससुर राकेश की देखभाल कर रहा है। बबलू का आरोप है कि उसके ससुर की बड़ी बेटी, दामाद और साले संपत्ति और इलाज के विवाद को लेकर उससे रंजिश रखते हैं। इसी विवाद के चलते 15 जुलाई की रात को अंकित नाम के व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर बबलू के साथ मारपीट की थी।
बबलू का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचा, तो वहां तैनात दरोगा राधेश्याम सिंह ने उसे न्याय देने के बजाय सुलह करने का दबाव बनाया। जब बबलू ने बात नहीं मानी, तो पुलिस ने कथित तौर पर उसके ससुर से ही उसके खिलाफ शिकायत लिखवा ली। शुक्रवार को जब बबलू कोर्ट से लौटा, तो पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कथित रूप से पीटा और शांति भंग के आरोप में चालान कर दिया।
टावर से फेंके सुसाइड नोट और लगाए गंभीर आरोप
शनिवार सुबह करीब 11:45 बजे बबलू अपने 7 वर्षीय बेटे वैभव और 5 वर्षीय बेटी गौरी के साथ मोबाइल टावर पर चढ़ गया। ऊपर से उसने दो पत्र नीचे फेंके। एक पत्र में उसने अपनी जान के लिए पुलिसकर्मियों, साली, साढ़ू और साले को जिम्मेदार ठहराया। दूसरे पत्र में उसने पुलिस पर 20,000 रुपये की रिश्वत मांगने और पैसे न देने पर जेल भेजने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया।
टावर पर चढ़ने के बाद बबलू ने साफ कर दिया कि वह पुलिस की कार्यप्रणाली से बेहद आहत है। उसने आरोप लगाया कि दरोगा राधेश्याम और सिपाही हरेंद्र ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया है, जिससे तंग आकर उसे यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।
सीओ के आश्वासन के बाद नीचे उतरा युवक
घटना की सूचना मिलते ही बिलग्राम के सीओ रामसूरत सोनकर और नायब तहसीलदार पुरुषोत्तम ओझा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने टावर पर चढ़े बबलू से फोन पर संपर्क किया और उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए मनाया। सीओ ने उसे निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
करीब सवा दो घंटे की मशक्कत के बाद, दोपहर करीब 2 बजे बबलू अपने दोनों बच्चों के साथ सुरक्षित नीचे उतरा। बच्चों को सुरक्षित देखकर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। नीचे उतरने के बाद उसे पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर सीओ रामसूरत सोनकर ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
