ग्वालियर: RPF में सब-इंस्पेक्टर बनाने का झांसा देकर 14 लाख की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर फरार हुए आरोपी
Gwalior fake government job scam. Siblings duped of ₹14 lakh for sub-inspector posts. भाई-बहन को सब इंस्पेक्टर बनाने का झांसा देकर ₹14 लाख हड़पे, थमाए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ग्वालियर के थाटीपुर इलाके में सरकारी नौकरी के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर एक परिवार से 14 लाख रुपए की ठगी की गई। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को विश्वास में लेने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए थे, जिसका खुलासा तब हुआ जब पीड़ित जॉइनिंग के लिए बिहार पहुंचे।
अस्पताल में हुई मुलाकात और नौकरी का लालच
घटना की शुरुआत अगस्त 2023 में हुई, जब थाटीपुर स्थित सिविल डिस्पेंसरी में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर चंद्रलेखा सिंह की मुलाकात विक्रम राणा नाम के व्यक्ति से हुई। विक्रम वहां अपनी किसी रिश्तेदार की डिलीवरी के सिलसिले में आया था। बातचीत के दौरान जब उसे पता चला कि चंद्रलेखा की बेटी स्वाती और उनके भतीजे सिद्धार्थ नौकरी की तलाश में हैं, तो उसने खुद को प्रभावशाली बताते हुए RPF में सीधी भर्ती कराने का दावा किया।
आरोपी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वह बिना किसी परीक्षा के दोनों को सब-इंस्पेक्टर बनवा सकता है। उसने इस काम के लिए सात-सात लाख रुपए प्रति उम्मीदवार यानी कुल 14 लाख रुपए की मांग की। परिवार को झांसे में लेने के लिए उसने अपने दो अन्य साथियों, अनूप और जितेंद्र से भी मिलवाया और उन्हें विभाग का अंदरूनी कर्मचारी बताया।
फर्जी नियुक्ति पत्र और ठगी का खुलासा
आरोपियों ने विश्वास जीतने के लिए स्वाती और सिद्धार्थ के शैक्षणिक दस्तावेज लिए और कुछ समय बाद उन्हें RPF के नाम से जारी फर्जी नियुक्ति पत्र सौंप दिए। नियुक्ति पत्र मिलते ही परिवार ने आरोपियों को 14 लाख रुपए नकद दे दिए। इस राशि में से 10 लाख रुपए चंद्रलेखा ने और 4 लाख रुपए उनकी बहन ने जुटाए थे।
जब स्वाती और सिद्धार्थ जॉइनिंग के लिए बिहार के दानापुर स्थित रेलवे मुख्यालय पहुंचे, तो वहां के अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें बताया कि ऐसी कोई भर्ती प्रक्रिया ही नहीं चल रही है और उनके पास मौजूद नियुक्ति पत्र पूरी तरह से फर्जी हैं। यह सच्चाई सामने आते ही परिवार के होश उड़ गए।
पुलिस की निष्क्रियता और कोर्ट का हस्तक्षेप
वापस ग्वालियर लौटने पर जब पीड़ित परिवार ने आरोपियों से संपर्क किया और पैसे वापस मांगे, तो वे टालमटोल करने लगे और उन्हें धमकियां देने लगे। परिवार ने थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं की। अंततः, पीड़ित ने जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद थाटीपुर पुलिस ने विक्रम राणा, अनूप और जितेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
थाटीपुर थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही तीनों आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी नौकरी के नाम पर सक्रिय ठगों के गिरोहों के प्रति लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
