ग्वालियर में साइबर ठगों का नया जाल: आधार लॉक कर निकाली रकम, 24 घंटे में तीन बड़ी वारदातें
Gwalior cyber fraud case involving fake e-sim and aadhar lock. ग्वालियर में साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए पीड़ित का आधार कार्ड लॉक कर दिया और फर्जी तरीके से नई ई-सिम जारी कराकर 64 हजार रुपए निकाल लिए। मामला महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदर्शपुरम का है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief

ग्वालियर में साइबर अपराध का नया तरीका
ग्वालियर में साइबर ठगों ने धोखाधड़ी का एक बेहद शातिर तरीका अपनाया है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालिया मामलों में ठगों ने न केवल लोगों के बैंक खातों को निशाना बनाया, बल्कि उनके आधार कार्ड को लॉक कर फर्जी ई-सिम भी जारी करवा ली। महाराजपुरा, पनिहार और आंतरी थाना क्षेत्रों में सामने आई इन घटनाओं ने पुलिस और प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
आदर्शपुरम निवासी कमल किशोर शर्मा के साथ हुई घटना सबसे हैरान करने वाली है। पीड़ित ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक फर्जी ई-चालान लिंक आया था। जैसे ही उन्होंने उसे खोला, ठगों ने सक्रियता दिखाते हुए उनका आधार कार्ड लॉक कर दिया। इसके बाद मात्र 15 मिनट के भीतर उनकी असली सिम बंद कराकर फर्जी ई-सिम हासिल कर ली गई। जब पीड़ित ने सिम बदलने की कोशिश की, तो आधार लॉक होने के कारण वे ऐसा नहीं कर सके।
क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग और बैंक की चूक
कमल किशोर के मामले में ठगों ने बैंक की खामियों का भी फायदा उठाया। बैंक ने चेतावनी के बावजूद उनके नाम पर एक नया क्रेडिट कार्ड जारी कर दिया। इसी कार्ड का उपयोग कर 9 जुलाई की रात को उनके खाते से 64 हजार रुपये उड़ा लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर महाराजपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब उन खातों की जांच की जा रही है जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई है।
पनिहार थाना क्षेत्र के कांसेर गांव में भी इसी तरह की ठगी हुई। हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस के कर्मचारी सतेन्द्र सिंह गुर्जर के खाते से 28 जुलाई को बिना किसी ओटीपी या लिंक पर क्लिक किए 31 हजार रुपये निकाल लिए गए। सतेन्द्र को इस ठगी का पता तब चला जब उनके फोन पर पैसे कटने के मैसेज आए। इस मामले में भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिना किसी सूचना के खाते से गायब हुए पैसे
आंतरी थाना क्षेत्र के लधवाया गांव में रहने वाली रानी गौड भी साइबर ठगों का शिकार बनीं। 29 जुलाई की रात को उनके मोबाइल पर अचानक पैसे कटने के संदेश आने लगे। अज्ञात ठगों ने तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से कुल 60 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़िता ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद साइबर एक्सपर्ट्स की टीम मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
इन तीनों मामलों में एक बात समान है कि ठगों ने बेहद चालाकी से पीड़ित की जानकारी के बिना ही बैंक खातों तक पहुंच बनाई। कहीं आधार लॉक करके तो कहीं सीधे ट्रांजेक्शन के जरिए, ठगों ने लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ किया है। पुलिस का कहना है कि इन मामलों में तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के निर्देश
महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने स्पष्ट किया है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि जिस खाते में ठगी की रकम भेजी गई है, उसे ट्रैक किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपने आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि आधार कार्ड को लॉक करना ठगों की एक नई रणनीति है ताकि पीड़ित अपनी सिम या बैंक संबंधी समस्याओं को तुरंत ठीक न करवा सके। ऐसे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अपने बैंक और नजदीकी साइबर सेल को देना ही बचाव का एकमात्र रास्ता है। ग्वालियर पुलिस अब इन सभी मामलों के तार आपस में जुड़े होने की संभावना की भी जांच कर रही है।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
