गोरखपुर: साइबर ठगी का शिकार हुई महिला को पुलिस ने वापस दिलाई 66 हजार से अधिक की रकम
Gorakhpur cyber police help victim recover money lost in online fraud case. गोरखपुर में ऑनलाइन ठगी का शिकार महिला के खाते में 66,254 रुपये राजघाट पुलिस की साइबर सेल टीम ने बुधवार को वापस दिला दिया। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने बैंक और संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर यह रकम फ्रीज कराकर पीड़िता के खाते में रिफंड कराई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गोरखपुर में साइबर अपराधियों के जाल में फंसी एक महिला को बड़ी राहत मिली है। राजघाट थाना क्षेत्र की पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तत्परता दिखाते हुए ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा वापस पीड़िता के बैंक खाते में सुरक्षित पहुंचवा दिया है। यह सफलता राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर समय रहते की गई शिकायत के कारण संभव हो सकी।
जुलाई में हुई थी 94 हजार की धोखाधड़ी
घटना 18 जुलाई 2026 की है, जब साइबर जालसाजों ने एक महिला के बैंक खाते को निशाना बनाते हुए कुल 94,499 रुपये उड़ा लिए थे। जैसे ही पीड़िता और उनके परिजनों को इस धोखाधड़ी का पता चला, उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक नगर और पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन में राजघाट पुलिस और साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन बैंक खातों की पहचान की, जिनमें ठगी गई राशि ट्रांसफर की गई थी। टीम ने संबंधित बैंकों और पेमेंट गेटवे के साथ समन्वय स्थापित कर उन खातों को तुरंत फ्रीज कराया।
66 हजार रुपये हुए रिकवर, बाकी की तलाश जारी
पुलिस की त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि ठगी गई कुल राशि में से 66,254 रुपये को होल्ड करा लिया गया और बाद में इसे पीड़िता के खाते में वापस रिफंड करवा दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शेष बची 28,245 रुपये की राशि को वापस लाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए संबंधित वित्तीय संस्थानों को आवश्यक पत्राचार भेजा गया है।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने साइबर सेल टीम की इस कार्यप्रणाली की सराहना की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। समय पर शिकायत मिलने से न केवल अपराधियों की पहचान करना आसान होता है, बल्कि पीड़ितों की आर्थिक क्षति को कम करने में भी मदद मिलती है।
साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की सलाह
इस मामले के बाद पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल, संदिग्ध लिंक या ओटीपी (OTP) को कभी भी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बनकर व्यक्तिगत जानकारी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और ऐसी बातों में न आएं।
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराएं। शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होगी, ठगी गई रकम को वापस पाने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
