गोंडा: घर में घुसे 18 कोबरा के बच्चे, मची अफरा-तफरी; स्नेक कैचर ने ऐसे पाया काबू
गोंडा के इटियाथोक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक घर से 18 बेबी कोबरा मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंचे स्नेक कैचर ने घंटों की मशक्कत के बाद सभी कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के इटियाथोक क्षेत्र स्थित नारेमहरीपुर गांव में एक रिहायशी घर के भीतर से एक साथ 18 कोबरा के बच्चे मिलने से हड़कंप मच गया। सांपों की मौजूदगी की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी दहशत में आ गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई।
स्नानघर और मुख्य द्वार पर दिखे सांप
घर के मालिक मोहम्मद इरफान ने बताया कि सोमवार की सुबह जब वे सोकर उठे और स्नानघर की ओर गए, तो वहां उन्हें दो सांप दिखाई दिए। वे कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उन्होंने घर के मुख्य द्वार पर भी तीन अन्य सांपों को रेंगते हुए देखा। देखते ही देखते घर के अलग-अलग कोनों से और भी सांप निकलने लगे, जिससे परिवार के सदस्य बुरी तरह डर गए और घर से बाहर निकल आए।
परिवार ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्थानीय स्नेक कैचर को सूचना दी। सांपों की संख्या अधिक होने के कारण परिवार के लोग किसी भी अनहोनी की आशंका से सहमे हुए थे। घर के भीतर सांपों का डेरा होने की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई।
चार घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलने के करीब चार घंटे बाद स्नेक कैचर अरुण गोस्वामी, जिन्हें लोग 'बाबा' के नाम से भी जानते हैं, मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी सावधानी बरतते हुए घर की गहन तलाशी शुरू की। रेस्क्यू के दौरान एक-एक कर कुल 18 बेबी कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि सांप घर के संकरे कोनों में छिपे हुए थे।
स्नेक कैचर ने बताया कि सभी कोबरा के बच्चे स्वस्थ थे। उन्होंने बिना किसी को नुकसान पहुंचाए उन्हें सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घर के सदस्यों और ग्रामीणों की सांसें अटकी रहीं, लेकिन अंत में सभी सांपों को सफलतापूर्वक पकड़ लिए जाने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
जंगल में छोड़े गए सांप
पकड़े गए सभी 18 कोबरा के बच्चों को स्नेक कैचर ने सुरक्षित रूप से आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल में छोड़ दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के मौसम में सांपों का बिलों से बाहर निकलना सामान्य है, लेकिन घर के भीतर इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का मिलना चिंता का विषय हो सकता है। फिलहाल, इस घटना के बाद से गांव के अन्य लोग भी अपने घरों की साफ-सफाई और सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं।
गोंडा की इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी के घर में सांप दिखे, तो उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित स्नेक कैचर या वन विभाग को सूचित करें ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
