गयाजी में सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म: अब 24 घंटे चलेगी सफाई, शहर से हटेगा 3000 टन कचरा
Gaya cleaning strike ends, municipal corporation starts 3-shift waste disposal. गयाजी में पिछले 8 दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल गुरुवार को खत्म हो गई। अब नगर निगम शहर के सभी 53 वार्ड में तीन-तीन घंटे की शिफ्ट में सफाईकर्मियों से जमा 3000 मीट्रिक टन कूड़ा का निस्तारण कराएगा।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

बिहार के गया शहर में पिछले आठ दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई है। इस हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी और सड़कों पर करीब 3000 मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया था। अब नगर निगम प्रशासन ने शहर को जल्द से जल्द कचरा मुक्त करने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की है।
तीन शिफ्टों में होगा सफाई का काम
नगर निगम आयुक्त गगन मिश्रा ने जानकारी दी कि शहर के सभी 53 वार्डों में सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए अब 24 घंटे काम किया जाएगा। इसके लिए सफाईकर्मियों को तीन शिफ्टों में बांटा गया है, जिसमें प्रत्येक शिफ्ट 8 घंटे की होगी। निगम का लक्ष्य है कि अगले दो दिनों के भीतर शहर की सड़कों और गलियों से जमा कचरे को पूरी तरह हटाकर स्थिति को सामान्य कर दिया जाए।
आयुक्त ने बताया कि इस संबंध में मुख्य सफाई निरीक्षकों और सहायक लोक स्वच्छता अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की गई है। इस बैठक के बाद से ही जमीनी स्तर पर सफाई अभियान को तेज कर दिया गया है। शहर के प्रमुख बाजारों और रिहायशी इलाकों में जमा कचरे को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जा रहा है।
सफाईकर्मियों के लिए सुरक्षा और कल्याणकारी कदम
सफाईकर्मियों की 11 सूत्री मांगों पर सहमति बनने के बाद निगम प्रशासन ने उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। 10 अगस्त से सफाईकर्मियों को रेनकोट, सेफ्टी किट और अन्य आवश्यक उपकरण वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा, प्रत्येक सफाईकर्मी का हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा और उन्हें बीमा सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सफाईकर्मियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि पदभार संभालने के कुछ समय बाद ही उन्हें इस हड़ताल का सामना करना पड़ा, लेकिन अब प्रशासन कर्मियों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सीवरेज सफाई के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग
मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए नगर निगम अब सीवरेज की सफाई के लिए मानवीय हस्तक्षेप को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीवरेज में जहरीली गैसों और अन्य खतरों से सफाईकर्मियों को बचाने के लिए एआई-आधारित आधुनिक मशीनों की खरीद की जा रही है। इसके लिए जेम (GeM) पोर्टल पर टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
ये आधुनिक मशीनें सीवरेज के अंदर जाकर ब्लॉकेज का पता लगाएंगी और सफाई कार्य को बिना किसी जोखिम के पूरा करने में मदद करेंगी। इस पहल से भविष्य में सफाईकर्मियों को सीवर के अंदर उतरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जो कि एक बड़ी सुरक्षा उपलब्धि मानी जा रही है।
वर्तमान में गया शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर के कारण लोगों को भारी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय निवासियों को सड़कों पर चलते समय मुंह ढंककर गुजरना पड़ रहा था। निगम प्रशासन का दावा है कि नई कार्ययोजना के लागू होने के बाद शहर की स्वच्छता स्थिति में तेजी से सुधार आएगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
