गोरखपुर विश्वविद्यालय में बढ़ी विदेशी छात्रों की रुचि, 90 विदेशी युवाओं ने दाखिले के लिए किया आवेदन
DDU sees 90 foreign student applications from countries like UAE, Colombia. Latest Updates. इस बार एडमिशन के लिए अलग-अलग देशों से कुल 90 विदेशी छात्रों ने आवेदन किया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से 5, जबकि कोलंबिया, दक्षिण अफ्रीका और सूडान से 1-1 छात्र ने अप्लाई किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डीडीयू की बढ़ती साख
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) ने शैक्षणिक सत्र में अपनी वैश्विक उपस्थिति को मजबूती प्रदान की है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बार विभिन्न देशों से कुल 90 विदेशी छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। यह संख्या विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जो यह दर्शाती है कि गोरखपुर का यह संस्थान अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।
आवेदन प्रक्रिया के आंकड़ों पर गौर करें तो 32 छात्रों ने सीधे विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराया है, जबकि 58 छात्रों ने भारत सरकार के 'स्टडी इन इंडिया' कार्यक्रम के तहत आवेदन किया है। इन आवेदनों में पड़ोसी देशों के साथ-साथ दुनिया के अन्य हिस्सों से भी छात्रों की सक्रिय भागीदारी देखी गई है।
बांग्लादेश और नेपाल से सर्वाधिक आवेदन
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी आवेदकों में सबसे अधिक संख्या बांग्लादेश और नेपाल के छात्रों की है। बांग्लादेश से कुल 51 छात्रों ने आवेदन किया है, जबकि नेपाल से 31 छात्रों ने प्रवेश के लिए रुचि दिखाई है। इसके अतिरिक्त, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से 5 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, कोलंबिया, दक्षिण अफ्रीका और सूडान जैसे देशों से भी 1-1 छात्र ने डीडीयू में पढ़ाई करने के लिए आवेदन किया है।
इन छात्रों ने मुख्य रूप से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर के पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी है। इनमें इंजीनियरिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, आईटी, एग्रीकल्चर, माइक्रोबायोलॉजी और रिसर्च जैसे आधुनिक और मांग वाले कोर्सेज शामिल हैं। इन विषयों में विदेशी छात्रों की रुचि यह साबित करती है कि विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम वैश्विक मानकों के अनुरूप है।
मलेशिया के साथ ड्यूल डिग्री और भविष्य की योजनाएं
विश्वविद्यालय ने हाल ही में मलेशिया की 'मैनेजमेंट एंड साइंस यूनिवर्सिटी' (MSU) के साथ एक ऐतिहासिक समझौता किया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश का पहला इंटरनेशनल ड्यूल डिग्री एमबीए कोर्स शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र अपने पहले वर्ष की पढ़ाई डीडीयू में करेंगे, जबकि दूसरे वर्ष की पढ़ाई मलेशिया में पूरी करेंगे। यह पहल छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव और बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि आगामी सत्र 2027-28 से आईसीसीआर (ICCR) के माध्यम से आने वाले विदेशी छात्रों को विशेष फेलोशिप भी प्रदान की जाएगी। इस आर्थिक सहयोग से विदेशी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध कार्य करने में काफी मदद मिलेगी। कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य 'सुगमता, वहनीयता और गुणवत्ता' के मंत्र के साथ नई शिक्षा नीति के तहत कैंपस को एक ग्लोबल सेंटर बनाना है।
डीडीयू प्रशासन का मानना है कि विश्वविद्यालय अब केवल शिक्षण का केंद्र नहीं रह गया है, बल्कि यह ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का एक सशक्त मंच बन चुका है। विदेशी छात्रों का बढ़ता रुझान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भरोसे का प्रमाण है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!